भारत के कितने फीसदी हिस्से में है NDA सरकार, अमित शाह ने समझाया गणित
नीति आयोग की बैठक में शाह बोले कि मोदी सरकार ने 12 साल में नक्सलवाद, आतंकवाद और धारा 370 जैसी पुरानी मुसीबतें खत्म की हैं। उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार के मोदी पर 25 साल से जनता का भरोसा ही लोकतंत्र की असली ताकत है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) आज देश के 80 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र और 76 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में नक्सलवाद, आतंकवाद और अनुच्छेद 370 जैसे दशकों पुराने मुद्दों का समाधान किया गया है।
उन्होंने पीएम मोदी का जिक्र कर कहा, 'आपने देश को लंबे समय तक स्थिर नेतृत्व प्रदान किया है, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आपका कार्यकाल दूरदर्शी नीतियों के निर्माण और उनके स्थिर एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए याद किया जाएगा। यह ऐसा दौर माना जाएगा, जिसमें भारत ने दृढ़ और आत्मविश्वासी विदेश नीति अपनाई तथा राष्ट्रीय सम्मान को सर्वोच्च रखने वाली रक्षा रणनीति विकसित की।'
पूर्व सरकारों पर निशाना
शाह ने कहा कि एक साधारण परिवार से निकलकर प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 25 वर्षों में जनता का भरोसा जीता है, जो भारतीय लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले के 62 वर्षों में देश ने 13 प्रधानमंत्रियों, विभिन्न राजनीतिक दलों और गठबंधन सरकारों का दौर देखा, जिसके कारण लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता बनी रही।
शाह ने कहा, 'भारतीय इतिहास में प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल स्थिरता, निरंतरता और निर्णायक नेतृत्व के स्वर्णिम युग के रूप में याद किया जाएगा। मोदी का कार्यकाल काबिले तारीफ है - बिना थके, बिना रुके और बेदाग। वह अक्सर रोजाना 18 से 20 घंटे तक काम करते हैं और बिना एक दिन का अवकाश लिए देश की सेवा में जुटे रहते हैं।'
उन्होंने कहा, 'आपके नेतृत्व ने जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति को पीछे छोड़कर विकास-केंद्रित राजनीति को स्थापित किया है। यह भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी ऊर्जा साबित हुई है। आज जनता जाति, धर्म और परिवार आधारित राजनीति से ऊपर उठकर विकास की आकांक्षा रखती है। कई ऐसी समस्याएं थीं, जिनका समाधान आपने बेहद सरल और त्वरित तरीके से किया।'
आर्टिकल 370 का जिक्र
शाह ने कहा कि मोदी सरकार का यह दौर अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने, तीन तलाक की प्रथा समाप्त करने, शरणार्थियों को नागरिकता देने, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करने तथा 160 वर्ष पुराने ब्रिटिशकालीन कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लागू करने जैसे बड़े फैसलों के लिए भी जाना जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसी अवधि में पांच दशक पुराने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया गया, आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई गई और 'सर्जिकल स्ट्राइक', 'एयर स्ट्राइक' तथा ऑपरेशन सिंदूर जैसी रक्षात्मक कार्रवाई ने भारत की रक्षा नीति को नई पहचान दी।
शाह ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राजग आज देश के 80 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र और 76 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व कर रहा है तथा सुशासन व विकास की राजनीति को आगे बढ़ा रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में अनेक ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रीय नायकों को सम्मान दिया गया, जिनके योगदान को लंबे समय तक पर्याप्त पहचान नहीं मिल सकी थी।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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