अमरनाथ यात्रा के दौरान चप्पे-चप्पे पर होगी सुरक्षा; अमित शाह की हाई लेवल मीटिंग, सख्त निर्देश
हिमालय की ऊंची पर्वतमालाओं के बीच समुद्र तल से करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर अमरनाथ गुफा स्थित है। इस मंदिर की 57 दिवसीय यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। एजेंसियां मिलकर काम करती है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा मार्ग और पर्यटन स्थलों पर शांतिपूर्ण यात्रा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सभी सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर अभेद्य सुरक्षा घेरा बनाना चाहिए। शाह ने 3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, निगरानी प्रणाली और अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकियों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।
हिमालय पर्वतमाला में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की 57 दिन की तीर्थयात्रा के लिए भारी सुरक्षा इंतजाम की जरूरत होती है, जिसमें केंद्र और जम्मू-कश्मीर की एजेंसियां मिलकर काम करती हैं। तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में छोटे, लेकिन अधिक ढलान वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करेंगे। शाह ने निर्देश दिया कि यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों और जानवरों का पंजीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र जारी किए जाएं और यात्रियों के पंजीकरण से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तक हर पहलू पर उचित इंतजाम किए जाएं।
तीर्थयात्रा के दौरान शिविर स्थलों की व्यवस्था
अमित शाह ने कहा कि सीएपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को तीर्थयात्रा के दौरान शिविर स्थलों पर की गई व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों के पंजीकरण, ठहरने की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन समेत सभी जरूरी सुविधाओं के लिए उचित इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए। शाह ने कहा कि मौसम की स्थितियों और पूर्वानुमान के अनुसार तीर्थयात्रियों के जत्थों को आगे भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
गृह मंत्री ने कहा कि तीर्थयात्रा मार्ग के अलावा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए, ताकि तीर्थयात्री सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा का आनंद ले सकें। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, गृह सचिव गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो (IB) प्रमुख तपन कुमार डेका और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक जीपी सिंह के अलावा अन्य वरिष्ठ सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
और पढ़ें

