सोनिया गांधी के बाद अब पवन खेड़ा, 'वोट चोरी' पर भाजपा ने घेरा; कांग्रेस पर अब क्या आरोप?

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि अब चुनाव आयोग को यह जाँच करनी है कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र कैसे आए, और क्या उन्होंने कई बार मतदान किया है, जो चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।

सोनिया गांधी के बाद अब पवन खेड़ा, 'वोट चोरी' पर भाजपा ने घेरा; कांग्रेस पर अब क्या आरोप?

कथित वोट चोरी पर नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा संसद से सड़क तक मचाए जा रहे हो हल्ला और हंगामे के बीच भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस परिवार का नजदीकी बने रहने में कभी भी पीछे नहीं रहने वाले पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा के पास दिल्ली में दो वोटर आईडी कार्ड हैं। सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि पवन खेड़ा के पास दो सक्रिय मतदाता पहचान पत्र हैं, जो जंगपुरा और नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में हैं। ये क्रमशः पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली लोकसभा सीटों के अंतर्गत आते हैं।

उन्होंने लिखा है कि अब चुनाव आयोग को यह जाँच करनी है कि पवन खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र कैसे आए और क्या उन्होंने कई बार मतदान किए हैं, जो चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। अमित मालवीय ने खेड़ा पर हमला बोलते हुए कहा है कि एक से ज़्यादा वोटर कार्ड रखने का अपराध ही काफ़ी नहीं है,जो वह बिहार में मतदाताओं को गुमराह करने, मतभेद पैदा करने और भारत की मज़बूत चुनावी प्रक्रिया को कमज़ोर करने के लिए दुर्भावनापूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।

अमित मालवीय ने क्या लिखा?

अमित मालवीय ने एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखा है। उसमें उन्होंने कहा,"राहुल गांधी ज़ोर-ज़ोर से "वोट चोर" चिल्ला रहे हैं लेकिन जिस तरह वह यह बताना भूल गए कि उनकी माँ सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिक बनने से पहले ही भारत की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा लिया था, उसी तरह अब यह भी सामने आया है कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा,जो गांधी परिवार से अपनी नज़दीकी दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते, के पास दो सक्रिय मतदाता पहचान पत्र (जंगपुरा और नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में, जो क्रमशः पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली लोकसभा सीटों के अंतर्गत आते हैं) हैं।

पवन खेड़ा के दो वोटर आईडी कार्ड की डिटेल भी दी

उन्होंने आगे लिखा, "अब चुनाव आयोग को यह जाँच करनी है कि पवन खेड़ा के पास दो सक्रिय मतदाता पहचान पत्र कैसे आए, और क्या उन्होंने कई बार मतदान किया है, जो चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।" उन्होंने अपने पोस्ट में पवन खेड़ा के दो वोटर आईडी कार्ड की डिटेल भी साझा की है। उसके मुताबिक, पहले EPIC की संख्या XHC1992338 है, जो जंगपुरा विधानसभा के तहत भाग संख्या-28, क्रंम संख्या-929 पर अंकित है।

मालवीय ने पवन खेड़ा का फोटो लगा मतदाता सूची में नाम का स्क्रीन शॉट भी साझा किया है, जिसमें उनके पिता का नाम एच एल खेड़ा दर्ज है। यह मतदाता विवरण निज़ामुद्दीन पूर्व भाग में अंकित है। इसके साथ ही उन्होंने दूसरे EPIC की भी डिटेल साझा की है, जो नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले काका नगर क्षेत्र का है। इस EPIC की संख्या- SJE0755967 है, जो नई दिल्ली विधानसभा के तहत भाग संख्या-78, क्रंम संख्या-820 पर अंकित है।

राहुल गांधी हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक: मालवीय

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख मालवीय ने लिखा है, "सच साफ़ है, कांग्रेस पूरी तरह से वोट चोर है। इसलिए वे सबको एक ही ब्रश से कलंकित करना चाहते हैं। बहुत लंबे समय से, उन्होंने हमारी चुनावी व्यवस्था को विकृत किया है। अवैध घुसपैठियों और गैर-भारतीयों को वैध बनाकर जनादेश चुराया है और अब उन्हें चिंता है कि चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन समीक्षा उन्हें और बेनकाब कर देगी।" मालवीय ने आगे लिखा है कि अब समय आ गया है कि भारत को यह एहसास हो कि राहुल गांधी हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं।

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Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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