निहंगों ने कब्जा नहीं किया, गुरुद्वारे में तनाव के बीच पुलिस का बड़ा दावा; VIDEO
रुद्रप्रयाग गुरुद्वारे की छत पर निहंग चार दिन से डटे हुए हैं। पुलिस और प्रशासन उन्हें मनाने पर लगा है। इस बीच उत्तराखंड पुलिस ने बड़ा दावा किया है कि गुरुद्वारे पर कब्जे की जानकारी भ्रामक है।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित नगरासू गुरुद्वारे पर निहंग चार दिन से डटे हुए हैं और पुलिस-प्रशासन उन्हें मनाने के प्रयास में जुटा है। बीते शनिवार को सात से आठ निहंग गुरुद्वारे की छत पर थे। अब बताया जा रहा है कि चार निहंग ही छत पर मौजूद हैं और बाकी नीचे आ चुके हैं। इस बीच उत्तराखंड पुलिस ने बड़ा दावा भी किया। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है कि निहंगों ने गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया है और लोगों को बंधक बनाया है। उन्होंने कहा कि निहंग अपनी मांगों को लेकर गुरुद्वारे की छत पर हैं और गुरुद्वारा में कार्य यथावत चल रहे हैं। निहंगों ने छत पर जाने का रास्ता बंद कर दिया है। इस वजह से बातचीत करने में दिक्कत आ रही है।
मंगलवार को ताजा घटनाक्रम भी सामने आया। रुद्रप्रयाग में हमारे संवाददाता बद्री नौटियाल ने पुलिस के हवाले से बताया कि जल्द मामले को सुलझा लिया जाएगा। पुलिस और प्रशासन लगातार मौके पर नजर बनाए हुए है। आज दोपहर के वक्त कुछ निहंग सिख गुरुद्वारा पहुंचे हैं। वो उन निहंगों से बातचीत करने के लिए आए हैं, जो गुरुद्वारे की छत पर चढ़े हुए हैं। उन्होंने संवाददातों से ज्यादा बात नहीं की लेकिन, इतना जरूर कहा कि वे उत्तराखंड में शांति चाहते हैं और गुरुद्वारे में मौजूद निहंग श्रद्धालुओं से बातचीत के लिए आए हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही मामले का समाधान किया जाएगा।
सोमवार को दो बार पथराव किया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, निहंगों ने सोमवार को गुरुद्वारे की छत से दो बार पथराव किया। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पहली घटना तब हुई जब दोपहर को खाने के वक्त ध्यान भटकाने के लिए निहंगों ने पथराव किया था। इस बीच दो निहंग भोजन लेने गुरुद्वारे के भीतर गए। इस दौरान पहले से मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने एक को दबोच लिया। दूसरी घटना सोमवार देर रात को तब हुई जब स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच बहस हो गई थी। हालांकि इस घटना में भी कोई घायल नहीं हुआ है।
पुलिस का दावा- कब्जे की बात गलत
उत्तराखंड की रुद्रप्रयाग पुलिस ने दावा किया है कि गुरुद्वारे पर कब्जे की बात गलत है। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर का कहना है है कि निहंग अपनी मांगों को लेकर गुरुद्वारे की छत पर चढ़े हैं। उन्होंने गुरुद्वारा पर कब्जा नहीं किया है। हालांकि छत का दरवाजा उन्होंने लॉक किया है, इससे पुलिस और प्रशासन की टीम को उनसे बात करने में परेशानी हो रही है।
निहंगों की तीन डिमांड
गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंगों की पुलिस-प्रशासन से तीन मांगे हैं। इसमें प्रमुख रूप से कर्णप्रयाग में बीते 16 जून को तलवारबाजी की घटना में गिरफ्तार अपने साथियों की अरेस्टिंग से नाराज हैं। वे उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी मांग कर्णप्रयाग की घटना में स्थानीय लोगों पर भी मुकदमे की है। निहंगों का आरोप है कि पुलिस ने मामले में एकतरफा कार्रवाई की। सोमवार को पुलिस ने कर्णप्रयाग प्रकरण पर क्रॉस मुकदमा दर्ज कर लिया है। निहंगों की तीसरी मांग उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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