मोदी सरकार के इस मंत्री ने दिया इस्तीफा? खबरों पर खुद क्या बोले केंद्रीय मंत्री
फेसबुक पर अपनी वायरल प्रतिक्रिया में सुरेश गोपी ने लिखा कि सुरेश गोपी ने इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। क्या आपको इसके बारे में पता था? खैर, मैं ही अकेला व्यक्ति हूं जिसे इसके बारे में पता नहीं था!

केंद्रीय पेट्रोलियम और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने अपने इस्तीफे को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया पर यह अफवाह जोरों पर थी कि अभिनेता से राजनेता बने सुरेश गोपी मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना चाहते हैं, जिसे उन्होंने पूरी तरह से निराधार और "फिल्मी पटकथा" करार दिया है। अटकलों पर सुरेश गोपी ने एक फेसबुक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसी "फिल्मी स्क्रिप्ट" पर विश्वास करके अपना समय बर्बाद न करें।
दरअसल, सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें चल रही थीं कि सुरेश गोपी अपने अभिनय करियर (Cinema Career) को फिर से शुरू करने के लिए मंत्री पद छोड़ना चाहते हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि फिल्मों से दूरी बनाने के कारण उनकी व्यक्तिगत आय में भारी कमी आई है, जिसके चलते उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से पदमुक्त करने का अनुरोध किया है। यहाँ तक कि यह भी चर्चा थी कि उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के रूप में नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर के नाम की सिफारिश की है।
सुरेश गोपी का फेसबुक पर करारा जवाब
इन अफवाहों का खंडन करते हुए सुरेश गोपी ने फेसबुक पर मलयालम में एक पोस्ट साझा की, जो अब वायरल हो रही है। उन्होंने चुटकी लेते हुए लिखा, "सुरेश गोपी ने इस्तीफे की इच्छा जताई है... क्या आपको इस बारे में पता था? खैर, शायद मैं ही अकेला हूं जिसे इस बारे में पता नहीं था!" इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस तरह की मनगढ़ंत कहानियों पर अपना समय बर्बाद न करें।
गलत खबरें फैलाने वालों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा, “यह सही नहीं है... आपको अपनी यह आदत कम से कम अब तो बदल लेनी चाहिए।” बता दें कि केरल में भाजपा का ऐतिहासिक चेहरा बने सुरेश गोपी ने केरल की त्रिशूर निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल कर इतिहास रचा है, क्योंकि वह केरल से भाजपा के पहले लोकसभा सांसद हैं। वर्तमान में वह केंद्र में राज्य मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता अडिग है।
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लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


