
झूठा और भ्रामक... अपनी ही पार्टी के मुखपत्र पर क्यों भड़कीं ममता बनर्जी; झेलनी पड़ रही भारी शर्मिंदगी
'जागो बांग्ला' ने पहले पन्ने पर खबर दी थी कि चुनाव आयोग का एक अधिकारी जो गणना फॉर्म बांट रहा था, मुख्यमंत्री के आवास पर गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि बनर्जी ने व्यक्तिगत रूप से फॉर्म लिए थे और भरकर वापस करने का आश्वासन दिया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी अपनी ही पार्टी के मुखपत्र के कारनामे से उस समय शर्मसार हो गईं, जब TMC के मुखपत्र 'जागो बांग्ला' और कुछ अन्य प्रकाशनों ने खबर दी कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मतदाता गणना फॉर्म प्राप्त कर लिया है। जबकि उन्हें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुखर विरोधी माना जाता है। दो दिन पहले ही उन्होंने SIR प्रक्रिया के विरोध में कोलकाता में बड़ा विरोध-प्रदर्शन और बड़ी रैली की थी।

इस खबर के बाद मुख्यमंत्री बनर्जी ने एक फेसबुक पोस्ट में साफ इनकार करते हुए कहा कि जब तक राज्य के सभी मतदाताओं का पंजीकरण नहीं हो जाता, वह ऐसा कुछ नहीं करेंगी। सीएम ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत अब तक किसी भी अधिकारी की ओर से कोई नामांकन प्रपत्र व्यक्तिगत रूप से नहीं मिला है। उन्होंने अपनी पार्टी के मुखपत्र समेत अन्य प्रकाशनों की खबरों को गलत बताया कि उन्होंने बुधवार को अपने आवास पर यह प्रपत्र स्वयं स्वीकार किया था।
भाजपा मुख्यमंत्री पर आक्रामक
इस घटना को लेकर भाजपा मुख्यमंत्री पर आक्रामक हो गई है। मुख्य विपक्षी दल ने सवाल उठाया है कि मुख्यमंत्री झूठ बोल रही हैं या उनकी पार्टी का मुखपत्र? इससे पहले गुरुवार को, 'जागो बांग्ला' ने अपने पहले पन्ने पर खबर दी थी कि चुनाव आयोग का एक अधिकारी जो गणना फॉर्म बांट रहा था, मुख्यमंत्री के आवास पर गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि ममता बनर्जी ने व्यक्तिगत रूप से फॉर्म लिए थे और उन्हें भरकर वापस करने का आश्वासन दिया था, जिसे अन्य समाचार प्लेटफार्मों ने भी तुरंत उठा लिया।
मुख्यमंत्री ने क्या लिखा?
इस खबर के फैलते ही मुख्यमंत्री ने एक फेसबुक पोस्ट में इसका खंडन किया। उन्होंने लिखा, “एक बीएलओ कल अपने निर्वाचन कर्तव्यों का पालन करते हुए हमारे क्षेत्र में आए थे। वह आवास के कार्यालय में आए, वहां मौजूद मतदाताओं की संख्या के बारे में जानकारी ली और प्रपत्र सौंपे।” फिर, पार्टी के मुखपत्र का नाम लिए बिना, उन्होंने आगे स्पष्ट किया, “मीडिया के एक वर्ग ने खबर दी कि मैं अपने आवास से बाहर आई और प्रपत्रों को स्वयं स्वीकार किया। यह जानकारी पूरी तरह झूठी, भ्रामक व जानबूझकर फैलाई गई गलत सूचना है।” बनर्जी ने पोस्ट में कहा कि उन्होंने अभी कोई फॉर्म नहीं भरा है और तब तक नहीं भरेंगी जब तक राज्य के सभी निवासी अपने फॉर्म नहीं भर लेते। (भाषा इनपुट्स के साथ)





