कांग्रेस MLA ने राहुल गांधी का लिया नाम तो गवर्नर हो गए नाराज, तमिलनाडु शपथ समारोह में नया ड्रामा

Pramod Praveen पीटीआई, चेन्नई
Follow us on Google News
share

विजय ने 10 मई को नौ अन्य मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। गुरुवार को उन्होंने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया, जिसमें 21 TVK विधायकों और दो कांग्रेस विधायकों को शामिल किया गया है।

कांग्रेस MLA ने राहुल गांधी का लिया नाम तो गवर्नर हो गए नाराज, तमिलनाडु शपथ समारोह में नया ड्रामा

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने आज (गुरुवार, 21 मई को) अपने 11 दिन पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए दो कांग्रेस विधायकों सहित कुल 23 सदस्यों को इसमें शामिल किया है। इसके साथ ही तमिलनाडु में करीब 60 साल बाद कांग्रेस की सरकार में वापसी हुई है। शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में आयोजित किया गया था, जहां राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। टीवीके के विधायक श्रीनाथ, एस. कमाली, सी. विजयलक्ष्मी और आर.वी. रंजितकुमार ने सबसे पहले मंत्री पद की शपथ ली। उनके बाद किल्लियूर से कांग्रेस के विधायक एस. राजेश कुमार और मेलूर से निर्वाचित पी. विश्वनाथन ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

इस दौरान तब स्थिति नाटकीय हो गई, जब कांग्रेस विधायक एस राजेश कुमार शपथ ग्रहण के दौरान राजीव गांधी और राहुल गांधी के नाम के नारे लगाने लगे। दरअसल, जैसे ही एस राजेश कुमार ने शपथ प्रारूप को पूरा पढ़ा, उसके तुरंत बाद अचानक वह कांग्रेस नेताओं कामराज, राजीव गांधी और राहुल गांधी की प्रशंसा में नारे लगाने लगे। उन्होंने कहा, "कामराज (तमिलनाडु के दिवंगत कांग्रेस दिग्गज) अमर रहें,भारत रत्न राजीव गांधी (पूर्व प्रधानमंत्री) अमर रहें" और “जननेता राहुल गांधी जिंदाबाद।”

गवर्नर ने टोका- ये शपथ का हिस्सा नहीं

इतना सुनते ही मंच पर बगल में खड़े तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें टोका और कुमार से कहा, "यह आपकी शपथ का हिस्सा नहीं है।" राज्यपाल ने आगे मुस्कुराते हुए कहा कि जो लिखित शपथ पत्र दिया गया है वही पढ़ें। इसके बाद एस. राजेश कुमार भी अपनी नारेबाजी पर टोके जाने पर मुस्कुराए और फिर अपने शपथ दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने चले गए। कुमार के शपथ लेने के कुछ ही मिनट बाद सलेम दक्षिण से टीवीके विधायक ए विजय तमिलन पार्थिबन ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद मंच पर उपस्थित पार्टी नेता और मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय की प्रशंसा करते हुए नारे लगाए।

छह दशक बाद सत्ता में वापसी

बता दें कि इस मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही तमिलनाडु में करीब छह दशक बाद कांग्रेस की सरकार में वापसी हुई है क्योंकि द्रविड़ दलों द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) ने कभी अपने सहयोगी दलों को सत्ता में हिस्सेदारी नहीं दी। इनमें कांग्रेस भी शामिल है, जिसने अलग-अलग समय पर दोनों दलों के साथ गठबंधन किया था। तमिलनाडु में कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री एम. भक्तवत्सलम थे, जिन्होंने 1963 से 1967 तक मुख्यमंत्री पद संभाला था। तब इस राज्य को मद्रास कहा जाता था।

पहली गैर कांग्रेसी सरकार अन्नादुरई ने बनाई थी

स्वतंत्र भारत की पहली गैर-कांग्रेस सरकार 1967 में द्रविड़ नेता एवं द्रमुक संस्थापक सी.एन. अन्नादुरई ने बनाई थी। उन्होंने तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की थी। टीवीके के शीर्ष नेता एवं लोक निर्माण तथा खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने बुधवार को कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री विजय ऐसा चाहते हैं।

कांग्रेस के पांच विधायक हैं

तमिलनाडु विधानसभा में पाँच विधायकों वाली कांग्रेस, TVK सरकार का एक अहम हिस्सा है। विजय के नेतृत्व वाली पार्टी को चुनाव नतीजों में बहुमत से कुछ सीटें कम मिली थीं, जिसके बाद कांग्रेस का समर्थन जरूरी हो गया था। कांग्रेस पहली पार्टी थी जिसने TVK को समर्थन देने की घोषणा की थी और अपने पुराने सहयोगी DMK से संबंध तोड़ लिए थे। हालाँकि कांग्रेस 20 साल तक DMK की सहयोगी रही थी, लेकिन वह राज्य में DMK के मंत्रालयों का कभी हिस्सा नहीं बन पाई थी।

कृपया अपने अनुभव को रेट करें

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

और पढ़ें