मिडिल ईस्ट तनाव के बीच 'ऑपरेशन वापसी', जल्द लौटेंगे होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 15 भारतीय जहाज
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे कुल 15 भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के लिए संयुक्त प्रयास कर रहे हैं।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय होर्मुज स्ट्रेट में फंसे कुल 15 भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के लिए संयुक्त प्रयास कर रहे हैं। सोमवार को आयोजित एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि हम विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर अपने जहाजों को वापस लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। जैसे ही होर्मुज स्ट्रेट से रवाना होना संभव होगा, हमारे जहाज तुरंत वापस आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वहां 15 भारतीय झंडे वाले तथा भारतीय स्वामित्व वाले जहाज मौजूद हैं।
'जग विक्रम' जहाज कांडला पहुंचने की संभावना
इस बीच, भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर 'जग विक्रम' 20400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 14 अप्रैल को गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है। मुकेश मंगल ने बताया कि 24 नाविकों को लेकर आ रहे इस जहाज ने 11 अप्रैल को होर्मुज को पार किया था। उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय तनाव को कम करने के उद्देश्य से घोषित 14 दिवसीय युद्धविराम के बाद यह रणनीतिक गलियारे से गुजरने वाला पहला भारतीय जहाज है।
नाविकों की सुरक्षा पर आश्वासन
अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों और चालक दल की स्थिति को लेकर आश्वस्त करते हुए कहा कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। उन्होंने कहाहमें भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से संबंधित किसी प्रकार की घटना की कोई सूचना नहीं मिली है। मंत्रालय ने अब तक 2177 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 93 नाविक शामिल हैं।
इस दौरान मंत्रालय ने नाविकों के कल्याण और समुद्री संचालन को सुचारू बनाए रखने पर जोर देते हुए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों तथा समुद्री हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय की बात कही है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के सभी बंदरगाहों पर परिचालन पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ या व्यवधान की कोई रिपोर्ट नहीं है। सरकार पूरे मामले पर सतर्क नजर रखे हुए है और नाविकों तथा जहाजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
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लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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