
चीन-जापान की लड़ाई में भारत को बड़ा फायदा, कैसे 11% उछल गया बाजार; ट्रंप टैरिफ की अब नो-टेंशन!
बुधवार को, बीजिंग ने ताइवान पर जापान संग डिप्लोमैटिक लड़ाई के बीच अपनी आर्थिक ताकत दिखाते हुए जापानी सीफूड इंपोर्ट पर पूरी तरह बैन लगा दिया। अब चीन में बढ़ी अचानक मांग की वजह से भारत की सीफूड इंडस्ट्री को फायदा हुआ है।
भारत के पड़ोसी देश चीन और मित्र देश जापान के बीच इन दिनों तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस बीच, चीन ने जापान को बड़ा झटका दिया है और वहां से होने वाली समुद्री खाद्य पदार्थों (Sea Foods) के आयात पर अचानक प्रतिबंध लगा दिया है। इसकी वजह से भारतीय सी फूड का निर्यात बढ़ गया है। यह अहम प्रगति ऐसे वक्त पर हुई है, जब भारतीय सी फूड इंडस्ट्री यानी मछली निर्यात का बाजार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारी टैरिफ के बाद बुरी तरह प्रभावित हो गया था।
बुधवार को, बीजिंग ने ताइवान पर जापान संग डिप्लोमैटिक लड़ाई के बीच अपनी आर्थिक ताकत दिखाते हुए जापानी सीफूड इंपोर्ट पर पूरी तरह बैन लगा दिया। अब चीन में बढ़ी अचानक मांग की वजह से भारत की सीफूड इंडस्ट्री को फायदा हुआ है। इंडियन सीफूड एक्सपोर्टर्स के शेयरों में 11% तक का उछाल देखा गया है। ट्रंप टैरिफ का दंश झेल रहे इस सेक्टर के लिए यह बड़ी राहत लेकर आया है।
अवंती फीड्स के शेयर लगभग 10% चढ़े
तेलंगाना की इंटीग्रेटेड सीफूड कंपनी अवंती फीड्स के शेयर लगभग 10% चढ़कर बंद हुए, जो दो महीने से ज़्यादा समय में इसकी सबसे बड़ी रोजाना की बढ़त है। वहीं, भारत में सीफूड के बड़े प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर में से एक, कोस्टल कॉर्पोरेशन के शेयर 5% तक चढ़े। कंपनी ने इस साल की शुरुआत में अमेरिका से एक्सपोज़र कम करने की कोशिशों के तहत चीन और दूसरे मार्केट में शिपमेंट बढ़ाने के प्लान की घोषणा की थी, जिसने ट्रेड बैरियर लगा दिए हैं।
ट्रंप ने लगाया था अतिरिक्त टैरिफ, मछली निर्यात बाधित
शेयरों में यह उछाल तब आया जब चीन ने जापानी सीफूड इंपोर्ट पर पूरी तरह बैन लगा दिया, क्योंकि जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने ताइवान विवाद को जापान की सुरक्षा से जोड़ा था। बता दें कि अमेरिका ने हाल के महीनों में नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद के लिए दंड के रूप में 50% तक का शुल्क लगाया है। इस टैरिफ ने भारतीय झींगा और मछली के निर्यात को प्रभावित किया था। पिछले महीने अक्टूबर में अमेरिका को होने वाले सीफूड निर्यात में साल-दर-साल 9% की गिरावट आई है लेकिन चीन की अचानक मांग ने भारतीय मछुआरों को संजीवनी दी है।





