बंटे रहेंगे तो... 15 मिनट के भाषण में राहुल गांधी ने INDI अलायंस को पढ़ाया 'एका पाठ'; 5 बड़े फैसले क्या?

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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बैठक के बाद खरगे ने बताया कि दलों के बीच यह सहमति बनी कि 'वोट लूट', SIR, मतदाता सूची में हेरफेर तथा चुनावों की निष्पक्षता पर उठे गंभीर प्रश्नों के संबंध में भारत के माननीय प्रधान न्यायाधीश को एक पत्र भेजा जाएगा। 

बंटे रहेंगे तो... 15 मिनट के भाषण में राहुल गांधी ने INDI अलायंस को पढ़ाया 'एका पाठ'; 5 बड़े फैसले क्या?

देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने आज (सोमवार, 8 जून को) नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में करीब ढाई घंटे तक बैठक की। इस दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने करीब 15 मिनट तक घटक दलों को संबोधित किया। राहुल ने अपनी स्पीच में एकता का बड़ा मंत्र दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "संगठित रहेंगे तो खड़े रहेंगे, बंट गए तो गिरा दिए जाएंगे।" उन्होंने गठबंधन के साथियों को आगाह किया कि अगर मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा की चुनौती का सामना करना है, तो आपसी खींचतान बंद कर साथ मिलकर काम करना होगा।

"वोट चोरी" और सहयोगियों की चुप्पी पर जताई नाराजगी

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने बैठक में कुछ सहयोगियों के व्यवहार पर निराशा भी जताई । उन्होंने कहा कि "वोट चोरी" (मतदाता सूची में कथित हेरफेर) जैसे गंभीर मुद्दों पर उन्हें कुछ साथियों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। उन्होंने उन पार्टियों पर भी निशाना साधा जो गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद अक्सर कांग्रेस की आलोचना और घेराबंदी करती रहती हैं। बताया जा रहा है कि उनके निशाने पर मुख्य रूप से ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दल थे।

भाजपा को हराना मुश्किल नहीं: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने गठबंधन का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि भाजपा को हराना "मुश्किल नहीं" है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों का उदाहरण दिया, जहाँ भाजपा का आंकड़ा 2019 की 303 सीटों से गिरकर 240 पर आ गया था, जबकि कांग्रेस 99 सीटों तक पहुँचने में सफल रही। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) के खिलाफ हालिया एकजुटता को याद दिलाते हुए इसी भावना को और मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक के दौरान सहयोगी दलों खासकर सपा अध्यक्ष राहुल गांधी ने डीएमके और आम आदमी पार्टी के मुद्दे पर कांग्रेस पर सवाल उठाए। वाम दलों ने भी कांग्रेस पर उंगली उठाई तो राहुल गांधी को सफाई देनी पड़ी।

बैठक में पांच बड़े फैसले

बैठक में गठबंधन के घटक दलों ने पांच बड़े मुद्दों पर फैसला लिया है। उनमें एक है देश के मुख्य न्यायाधीश को SIR के मुद्दे पर पत्र लिखना। सूत्रों ने बताया कि INDI अलायंस के दल जल्द ही भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक औपचारिक याचिका सौंपेंगे। इसमें मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर और 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) प्रक्रिया को लेकर अपनी गंभीर चिंताओं से अवगत कराया जाएगा। विपक्षी दलों ने SIR को वोट लूट करार दिया है।

सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग

इसके अलावा विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए लाखों युवाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। इस बैठक में चिकित्सा पाठ्यक्रम प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली से जुड़े विवाद, देश की आर्थिक स्थिति के साथ ही 'विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विषय पर चर्चा की गई। इसके अलावा बैठक में केंद्र सरकार से गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों तथा जनसरोकारों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी की। 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) के घटक दलों के नेताओं ने यह सहमति भी जताई कि वे हर दो महीने पर बैठक करेंगे और उनकी अगली बैठक आगामी अगस्त महीने में हैदराबाद में होगी।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले समेत 22 दलों के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख एवं राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े थे। बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता एवं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती, झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरफराज अहमद, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जॉन ब्रिटास, भाकपा महासचिव डी. राजा, भाकपा (माले) लिबरेशन के दीपांकर भट्टाचार्य, निर्दलीय राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल और कई अन्य दलों के नेताओं ने भाग लिया। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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