
'अखिलेश यादव करें INDIA गठबंधन को लीड', बिहार में कांग्रेस की हार के बाद उठी आवाज
लखनऊ सेंट्रल से विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि अगर चुनाव बैलेट पेपर से हुए होते तो इंडिया गठबंधन बिहार में सरकार बना लेता। अखिलेश यादव ने बार-बार बैलेट वोटिंग की वापसी की मांग की है और EVM पर सवाल उठाए हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद विपक्षी इंडिया गठबंधन में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने कहा है कि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को INDIA गठबंधन को लीड करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सपा उत्तर प्रदेश में स्वतंत्र रूप से सरकार बना सकती है, जो देश का राजनीतिक रूप से सबसे अहम राज्य है। पिछले साल आम चुनाव में अखिलेश की पार्टी ने 37 सीटें जींती और लोकसभा में कांग्रेस के बाद दूसरा सबसे बड़ा विपक्षी दल है।

लखनऊ सेंट्रल से विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि अगर चुनाव बैलेट पेपर से हुए होते तो इंडिया गठबंधन बिहार में सरकार बना लेता। अखिलेश यादव ने बार-बार बैलेट वोटिंग की वापसी की मांग की है और EVM पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करना चाहिए। सपा उत्तर प्रदेश में स्वतंत्र रूप से सरकार बना सकती है।'
कांग्रेस का लगातार गिरता प्रदर्शन
कांग्रेस ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में 19 सीटें जीती, जो इस बार सिर्फ 6 सीटें ही हासिल कर सकी। यह तब हुआ जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं ने कई रैलियां की थीं। चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन ने इंडिया गठबंधन के अंदर नेतृत्व परिवर्तन की मांग को बल दिया है। मुख्य विपक्षी पार्टी ने पिछले साल लोकसभा चुनाव में 99 सीटें जीती थीं। इसके बाद हुए राज्य चुनावों में उसका खराब प्रदर्शन रहा। भाजपा और उसके सहयोगियों ने पिछले साल हुए 8 विधानसभा चुनावों में से 6 जीते, जिनमें हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्य शामिल हैं।
TMC ने भी की बदलाव की मांग
इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने भी इंडिया गठबंधन की लीडरशिप को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को INDIA गठबंधन का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'इंडिया गठबंधन में कौन नेता है? विपक्ष का कोई चेहरा चुना नहीं गया है। अब यह करना होगा। कांग्रेस विफल हो गई है, यह साबित हो चुका है। कांग्रेस नेताओं ने हरियाणा में कोशिश की, लेकिन विफल रहे। महाराष्ट्र में भी विफल रहे। हमने कांग्रेस पर भरोसा किया, लेकिन नतीजा नहीं आया।'





