षड्यंत्र हुआ तो अयोध्या जैसे यूपी भी हार जाएंगे, परिसीमन पर अखिलेश यादव का भाजपा पर वार
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा जनगणना को टालना चाहती है। वह जाति गणना टालना चाहते हैं, क्योंकि फिर आरक्षण का सवाल उठेगा। भाजपा यह आरक्षण देना नहीं चाहती है। असली लक्ष्य वोट है और सत्ता में रहना है, इसीलिए आरक्षण लेकर आए हैं।

लोकसभा में गुरुवार को संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए गए। अखिलेश यादव ने परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में बयान देते हुए सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि सपा महिला आरक्षण के पक्ष में है और हमारा इतिहास रहा है कि महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। लेकिन जिस तरह की बातें सुनने को मिल रही है, भाजपा नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है। जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा, उनके मान सम्मान के लिए कैसे रखेंगे। अगर यह बात गलत है तो जिस पैरेंटल संगठन से निकले हैं, उसमें मान सम्मान के लिए कितनी नारी है, यह बता दीजिए। भाजपा एनडीए की 21 जगह सरकारें हैं, वहां कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं। दिल्ली की सीएम हाफ सीएम हैं और वह भी महिला होने के नाते हाफ सीएम। उनके पास अधिकार कहां हैं? पूरे देश में विधायकों में भी दस फीसदी महिला विधायक नहीं हैं। अखिलेश ने परिसीमन को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि अगर इसमें षडयंत्र होता है तो जैसे अयोध्या हारे, उसी तरह यूपी भाजपा हार जाएगी।
अखिलेश यादव ने कहा, ''कई बार लोग कहते हैं कि सपा विरोध करती है, अगर हम अपनी बात कहना चाहें तो राम मनोहर लोहिया, जिनकी विचारधारा पर हमारी पार्टी का आधार है, उन्होंने हमेशा महिलाओं को पुरुषों के बराबर हर क्षेत्र में हिस्सेदारी देने की बात कही। यूपी में पंचायत में सबसे पहले सपा ने आरक्षण लागू किया। लेकिन हमारा सवाल है कि जल्दबाजी क्यों कर रही है। भाजपा जनगणना को टालना चाहती है। वह जाति गणना टालना चाहते हैं, क्योंकि फिर आरक्षण का सवाल उठेगा। भाजपा यह आरक्षण देना नहीं चाहती है। असली लक्ष्य वोट है और सत्ता में रहना है, इसीलिए आरक्षण लेकर आए हैं। पुराने लोग जब समझ जाते हैं कि भाजपा किसी की सगी नहीं है, तब वह नए लोगों को लुभाने जुमलों में फंसाती है। इस बार महिलाओं को लेकर पुरानी चाल चल रही है। इसके अलावा, परिसीमन लेकर आए हैं, उसके जरिए इलेक्टोरल मैप को बदल देंगे। पूरी रणनीति बनाकर कि कैसे लोकसभा के क्षेत्र बनाए जाएं, जिससे उन्हें फायदा मिले। हम चाहते हैं कि पहले जनगणना हो और जब आंकड़े सही आ जाएं तब परिसीमन हो। जब आंकड़े ठीक नहीं हैं, तो आरक्षण कैसे होगा। कहीं ऐसा तो नहीं आधी आबादी में ये मुस्लिम महिलाओं को न गिनते हों? इसलिए हमारी मांग होगी कि आधी आबादी में पिछड़े और मुस्लिम महिलाओं को जोड़कर इस आरक्षण को पूरा किया जाए।''
'जैसे अयोध्या हारे, वैसे यूपी हार जाएंगे'
अखिलेश यादव ने कहा कि जब परिसीमन होगा और संख्या बढ़ेगी तो यूपी विधानसभा की संख्या 600 हो जाएगी, तब सरकार कहीं ऐसा षडयंत्र तो नहीं कर रही जो महिला आरक्षण को छिपाकर आगे बढ़ रही है। यूपी में 120 सीटें लोकसभा और विधानसभा की सीटें 600 हो रही हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि उसमें भी साजिश हो। जो षडयंत्र हम लोगों को समझ नहीं आ रहा और षडयंत्र होता है तो जैसे अयोध्या हारे, एक बार फिर उत्तर प्रदेश आप हार जाएंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि हम रोटेशन की प्रणाली के खिलाफ हैं। हमारी मांग है कि पहले जनगणना करवाई जाए और अगर नहीं हो रही तो धोखा दिया जा रहा। पुराने बिल में था कि जनगणना करवा कर महिला आरक्षण बिल आएगा, लेकिन अब 2011 के हिसाब से आ रहा है तो पूरी तैयारी है कि कौन सा लोकसभा क्षेत्र कैसा होगा, इसका नक्शा बनाकर रखा गया होगा, जोकि लागू करेंगे। बिल में सुधार पर बात नहीं हो रही। बिना इसके महिलाओं को पूरा हक नहीं मिलेगा। पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और खासकर मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।
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