
कहां तक पहुंची एयर इंडिया हादसे की जांच, सरकार ने SC को बताया; प्रशांत भूषण से क्या बोले CJI
सीजेआई ने कहा कि पिछले सप्ताह कहा गया कि लंदन-दिल्ली उड़ान में भी फ्यूल स्विच में दिक्कत थी। बाद में, एयरलाइन ने कहा कि यह ठीक था। कहा किसी एयरलाइन पर कमेंट करते समय कंजर्वेटिव होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को केंद्र सरकार ने कहा कि एयर इंडिया विमान हादसे की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन बोर्ड (एएआईबी) द्वारा की जा रही जांच अब अपने आखिरी चरण में है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह जानकारी मिलने के बाद केंद्र सरकार से अब तक अपनाए गए ‘प्रोसिजरल प्रोटोकॉल’ पर एक छोटी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि 12 जून, 2025 को हुए विमान हादसे की एएआईबी जांच आखिरी पड़ाव पर है और इसके कुछ हिस्से दूसरे देशों में पूरे होने हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग वाली याचिकाओं पर तीन सप्ताह बाद सुनवाई तय करने का आग्रह किया। इस पर शीर्ष अदालत ने कहा कि एएआईबी की जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाए। मेहता ने भरोसा दिलाया कि विवरण साझा किया जाएगा। कोर्ट ने कहा है कि एएआईबी का काम क्रैश की वजह का पता लगाना है, न कि मकसद बताना।
मीडिया रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें: सीजेआई
गैर सरकारी संगठन सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि तीन और बोइंग के साथ ऐसी ही घटनाएं हुई थीं और केंद्र ने कोई जवाब नहीं दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि गैर सत्यापित रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें।
कमेंट करते समय कंजर्वेटिव होना चाहिए
सीजेआई ने कहा कि पिछले सप्ताह कहा गया कि लंदन-दिल्ली उड़ान में भी फ्यूल स्विच में दिक्कत थी। बाद में, एयरलाइन ने कहा कि यह ठीक था। कहा किसी एयरलाइन पर कमेंट करते समय कंजर्वेटिव होना चाहिए।
पायलट कह रहे हैं कि बोइंग 787 सुरक्षित नहीं
भूषण ने कहा कि 8,000 से अधिक पायलट कह रहे हैं कि बोइंग 787 सुरक्षित नहीं है। सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा कि भूषण को संतुष्ट करने का एकमात्र तरीका खुद भूषण की अध्यक्षता में कमेटी बनाना है।
आपको बता दें कि अहमदाबाद से लंदन जा रहे दुर्घटनाग्रस्त हुए इस विमान में 261 लोग सवार थे। चालक दल के सदस्यों सहित 260 लोगों की दुर्घटना में मौत हो गई थी सिर्फ एक व्यक्ति ही बचा था। मरने वालों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। विमान के पायलट सुमित सभरवाल के पिता और कुछ और लोगों ने विमानों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए कोर्ट में याचिकाएं दाखिल कर रखी हैं। साथ ही हादसे की जांच की मांग भी की है।
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और डीजीसीए की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन बोर्ड (एएईइबी) की जांच अंतिम चरण में है और इसके कुछ हिस्से विदेशों में किए जाने हैं।

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