4 सेकेंड तक कंट्रोल से पूरी तरह बाहर था एयर इंडिया का विमान, फिर 300 फीट नीचे… पायलट कहां था?
एयर इंडिया का A320 विमान बीते 4 अगस्त को थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रहा था। दिल्ली पहुंचने से पहले विमान अचानक हवा में 300 फीट गिर गया। फ्लाइट में 137 यात्री सवार थे।
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में सवार यात्रियों के लिए बीते 4 अगस्त का दिन किसी खौफनाक सपने जैसा साबित हुआ था। विमान हवा में अचानक 300 फिट नीचे गिर गया, जिससे विमान के अंदर हड़कंप मच गया। इस दौरान 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद पायलट को लेकर हुए हैरतअंगेज खुलासे के बाद अब एयरबस की शुरुआती जांच रिपोर्ट में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक A-320 विमान पूरे 4 सेकंड तक कंट्रोल से पूरी तरह से बाहर हो गया था।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक एयरबस की तकनीकी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि एयरक्राफ्ट के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ खराबी आ गई। 4 सेकेंड के लिए विमान के एलिवेटर्स यानी वह पार्ट जो प्लेन को ऊपर-नीचे ले जाते हैं और एलरोन्स, जो प्लेन को बाएं-दाएं मोड़ने के लिए होते हैं, पूरी तरह से बेकाबू हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक प्लेन का ऑटोपायलट अपने आप बंद हो गया और कॉकपिट में 'स्टॉल' की चेतावनी बजने लगी। स्टॉल वह खतरनाक स्थिति होती है जब प्लेन के पंख हवा में तैरने की क्षमता खोने लगते हैं।
छत से जा टकराए थे यात्री
जांच में सामने आया है कि खतरे को देखते हुए को-पायलट ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत कंट्रोल स्टिक को आगे की तरफ झुकाया ताकि प्लेन को नीचे की तरफ मोड़ा जा सके, लेकिन हाइड्रोलिक पावर न होने की वजह से प्लेन ने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया। जैसे ही कुछ सेकंड बाद तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम चालू हुए, प्लेन बेहद तेजी से नीचे की तरफ गिर गया। इस दौरान सीटों पर बैठे यात्री और क्रू मेंबर्स छत से जा टकराए। हादसे में 24 लोग बुरी तरह घायल हो गए।
एयरबस की शुरुआती जांच में इस हादसे के पीछे हाइड्रोलिक प्रेशर स्विच में खराबी की आशंका जताई गई है। हालांकि एयरबस ने अभी तक किसी अंतिम कारण की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, फ्रांस की जांच एजेंसी (BEA) और एयरबस के विशेषज्ञ दिल्ली में भारतीय जांच एजेंसी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो, AAIB के साथ मिलकर आगे की जांच कर रहे हैं।
पायलट के खून में मिला गांजा
इस खौफनाक हादसे के बीच पायलट को लेकर भी हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं। विमान के टर्बुलेंस का शिकार होने के बाद शुरू हुई जांच में पता चला है कि घटना से पहले पायलट ने गांजा पिया था। हालांकि अपना पक्ष रखते हुए पायलट ने बताया है कि पारिवारिक डॉक्टर की सलाह पर वो नींद की गोली खाता है। पायलट ने बताया है कि उसे काफी समय से नींद ना आने की दिक्कत है।
घटना के वक्त कहां था पायलट?
रिपोर्ट के अनुसार घटना के वक्त पायलट सीट पर नहीं था और विमान का संचालन को-पायलट विमान कर रहे थे। सूत्रों का कहना है कि पायलट केबिन में यात्रियों की स्थिति देखने गया था। इस दौरान उसने यात्रियों से वीडियो ना बनाने को भी कहा था। सूत्रों का दावा है कि लैंडिंग के बाद पायलट अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था। पायलट को बैठाने के लिए एक अधिकारी ने मदद की थी। यह भी पता चला है कि उड़ान के दौरान जब वह वॉशरूम गया तो उसने एक अटेंडेंट को अपनी सीट पर बैठाया था। सूत्रों के अनुसार जिस अटेंडेंट को पायलट ने बैठाया उसे विमान संचालन की अच्छी जानकारी नहीं थी। इस लेकर पायलट ने उसे डांट भी लगाई थी।


