8 घंटे हवा में मंडराने के बाद वापस दिल्ली लौटा एयर इंडिया का विमान, जा रहा था सैन फ्रांसिस्को; क्या वजह?
एयरलाइन सूत्रों ने बताया है कि ऐसा विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद हुआ। इस विमान में 230 यात्री सवार थे। एयरलाइन ने एक बयान में कहा है कि विमान सुरक्षित रूप से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतर गया।
नई दिल्ली से अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया के शहर सैन फ्रांसिस्को जा रहा एयर इंडिया का एक विमान करीब आठ घंटे तक हवा में मंडराने के बाद वापस दिल्ली लौट आया है। एयरलाइन सूत्रों ने बताया है कि ऐसा विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद हुआ। इस विमान में 230 यात्री सवार थे। एयरलाइन ने एक बयान में कहा है कि विमान सुरक्षित रूप से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतर गया है और सभी यात्री सुरक्षित हैं।
एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, "27 मई को नई दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जाने वाली फ़्लाइट AI173, तय प्रक्रियाओं के अनुसार एक तकनीकी समस्या के कारण दिल्ली लौट आई है। विमान सुरक्षित रूप से उतर गया और एयर इंडिया के सुरक्षा मानकों के अनुरूप इसकी तकनीकी जाँच की जाएगी।" एयरलाइन कंपनी ने ज़ोर देकर कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा और भलाई उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
फ़्लाइट को रीशेड्यूल किया जा रहा है
एयरलाइन ने बयान में आगे कहा, “यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। हम उन्हें जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं। इस बीच, हमारी ग्राउंड टीमें यात्रियों को सभी जरूरी उपलब्सध करा रही हैं, जिसमें जलपान, होटल में ठहरने की व्यवस्था या उनकी पसंद के अनुसार फ़्लाइट को रीशेड्यूल करना शामिल है।”
पिछले हफ्ते एयर इंडिया के विमान के इंजन में लगी थी आग
बता दें कि पिछले हफ्ते गुरुवार (21 मई) को एयर इंडिया के एक विमान के इंजन में आग लगने के कारण पूर्ण आपात स्थिति में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया था। हालांकि, आग पर तुरंत काबू पा लिया गया था और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया था। यह उड़ान संख्या एआई2802 बेंगलुरु से दिल्ली आ रही थी। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया था कि दिल्ली में अंतिम चरण के लैंडिंग एप्रोच के दौरान पायलट को इंजन में आग का सिग्नल मिला था। बाद में पता चला कि इंजन में सचमुच आग लगी है।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


