सेना के चीता हेलीकॉप्टर ने बचाई अमेरिकी नागरिक की जान, 15 हजार फीट की ऊंचाई पर दिखाया दमखम
भारतीय वायु सेना के चीता हेलीकॉप्टर ने 15,000 फीट की ऊंचाई पर फेयांग वैली से एक अमेरिकी नागरिक की जान बचाई है। दुर्गम पहाड़ियों के बीच हेलीकॉप्टर को लैंड करने के बाद सेना ने OIC कार्ड धारक को लेह के अस्पताल में भर्ती करवाया।

भारतीय वायु सेना ने एक बार फिर से अपनी सूझबूझ और दमखम का परिचय दिया है। बुधवार को सेना की तरफ से जानकारी दी गई कि 15,000 फीट की ऊंचाई पर फेयांग वैली मौजूद एक भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद दुर्गम इलाका होने के बाद भी सेना के चीता हेलीकॉप्टर ने वहां पर लैंडिंग की और ओआईसी (ओवरसीट सिटिजन ऑफ इंडिया) कार्ड धारक व्यक्ति की जान बचाई।
भारतीय वायु सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस घटना की तस्वीरें और जानकारी शेयर की गई हैं। सेना ने इस पोस्ट में लिखा, "भारतीय वायु सेना के चीता हेलीकॉप्टर ने 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित सुमजोन ग्लेशियर, फेयांग वैली से 56 वर्षीय अमेरिकी नागरिक को मेडीकल इमरजेंसी के तहत सुरक्षित बाहर निकाला है।"
सेना ने आगे लिखा कि कैसे दुर्गम इलाके में भी हेलीकॉप्टर ने सफल लैंडिंग की। उन्होंने लिखा, "मुश्किल इलाके और लैंडिंग के लिए सीमित जगह होने के बावजूद, क्रू ने सुरक्षित लैंडिंग की और व्यक्ति को आगे के इलाज के लिए लेह पहुँचाया।"
सेना का चीता हेलीकॉप्टर
भारतीय वायु सेना का चीता हेलीकॉप्टर दशकों से अपनी सेवाएं दे रहा है। घाटी के दुर्गम इलाकों में एक जगह से दूसरी जगह जल्दी पहुंचने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। लोगों की जान बचाने और ऐसे इमरजेंसी मामलों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसका निर्माण वर्तमान में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा किया जाता है। हालांकि, इसका डिजाइन पूर्णतः भारतीय नहीं है। यह फ्रांसीसी कंपनी एरोस्पेटियैल के लामा हेलीकॉप्टर का लाइसेंस प्राप्त भारतीय डिजाइन है।
भारत सरकार ने फ्रांस के साथ 1970 में समझौता किया था। इसके बाद 1976-77 में इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया था। समय के साथ और भारतीय सेना की जरूरतों के इसाब से इसमें कई बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा इसके अपग्रेडेड वर्जन जैसे की शीतल में स्वदेशी इंजनों का भी उपयोग किया गया है। वर्तमान में भारत की तीनों सेनाएं इनका उपयोग करती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक सभी के पास कुल मिलाकर 200 से अधिक चीता हेलीकॉप्टर मौजूद हैं। चीता के अलावा चेतक हेलीकॉप्टर भी सेना की शान बढ़ाता है। इन दोनों का कुल मिलाकर 350 से लेकर 400 हेलीकॉप्टर तीनों सेनाओं के पास हैं।


