6 बच्चे होने पर... PM मोदी का नाम लेकर ओवैसी का हमला; वोटर लिस्ट मैपिंग पर क्या बोले AIMIM प्रमुख
AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मतदाता सूची के SIR प्रक्रिया पर जोरदार हमला बोल दिया है। उन्होंने फॉर्म में बच्चों की संख्या को अधिकतम पांच तक सीमित करने के प्रावधान को लेकर सवाल खड़े करते हुए इसे असंवैधानिक बताया।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने फॉर्म में बच्चों की संख्या को अधिकतम पांच तक सीमित करने के प्रावधान पर सवाल उठाते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया।
हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार में छह भाई-बहन हैं। मेरे भी छह बच्चे हैं। गृह मंत्री अमित शाह और योगी आदित्यनाथ भी बड़े परिवारों से आते हैं। क्या इसलिए इनके वोट छीन लिए जाएंगे? भारत में कोई कानून नहीं है जो पांच से अधिक बच्चों वाले नागरिकों के मताधिकार को रोके।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि SIR फॉर्म में जनगणना प्रपत्र में केवल पांच बच्चों का ही विवरण दर्ज करने की व्यवस्था है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कर 'वंचित भारतीयों का एक स्थायी वर्ग' तैयार किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वोट देने का अधिकार हर पात्र नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। किसी भी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए मतदान से वंचित नहीं किया जा सकता कि उसके छह या उससे अधिक बच्चे हैं।
तेलंगाना में SIR की समयसीमा
तेलंगाना में मतदाता सूची का विशेष सत्यापन 15 जून से शुरू हो रहा है। बूथ स्तर के अधिकारी 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। मतदाता सूची का मसौदा 31 जुलाई को प्रकाशित होगा, जबकि आपत्तियां और दावे 30 अगस्त तक स्वीकार किए जाएंगे। अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर को जारी की जाएगी। ओवैसी ने इस पूरी प्रक्रिया की कड़ी आलोचना की और कहा कि इसमें प्रक्रियागत जटिलताओं या जागरूकता की कमी के कारण किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से न हटे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश
इससे पहले ओवैसी ने पार्टी विधायकों के साथ बैठक की और SIR प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने सभी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे लोगों को हर संभव मदद मुहैया कराएं ताकि कोई भी वास्तविक मतदाता इस प्रक्रिया के दौरान परेशानी का शिकार न बने। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम किसी भी सूरत में सूची से नहीं हटने चाहिए।
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लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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