मदद पहुंच रही है, संस्थानों पर करो कब्जा... ईरान संग बातचीत रद्द कर ट्रंप ने प्रदर्शन की आग में घी डाला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शन की आग में घी डालने का काम किया है।उन्होंने कहा है कि प्रदर्शनकारी संस्थानों पर कब्जा करें, मदद पहुंच रही है। इसके अलावा उन्होंने ईरान से बातचीत भी रद्द कर दी है।
ईरान में लगातार उग्र होते जा रहे सत्ता विरोधी प्रदर्शन और इस्लामिक रिपब्लिक के दमनकारी कदमों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दखल देने का पूरा मन बना लिया है। उन्होंने ईरान के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली बातचीत को रद्द करके प्रदर्शनकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए आग में घी डाल दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की जनता संस्थानों पर कब्जा करे, इधर से मदद पहुंच रही है। उनके इस बयान से लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप कभी भी ईरान में ऑपरेशन कर सकते हैं।
2000 लोगों की हो चुकी है मौत
राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को हालांकि यह विवरण नहीं दिया कि मदद का स्वरूप क्या है।ईरान में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर कम से कम 2,000 हो गई, क्योंकि अधिकारियों द्वारा दमनकारी कार्रवाई के दौरान संचार व्यवस्था ठप कर दिए जाने के बाद ईरानियों ने कई दिन में पहली बार विदेशों में फोन किया।ईरान में इस पैमाने पर हिंसा दशकों में नहीं देखी गयी है।
अमेरिका कर सकता है हमला
जानकारों की मानें तो अमेरिका के लिए ईरान पर हमला कर देना कोई बड़ी बात नहीं है। हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला के अंदर घुसकर उसके राष्ट्रपति को किडनैप कर लिया। वहीं जून में जब ईरान और इजरायल के बीच युद्ध शुरू हो गया था तब भी अमेरिका ने ऑपरेशन चलाकर उसके परमाणु ठिकानों को तबाह कर दिया था। ऐसे में रातों रात भी ईरान में बड़ा अभियान चलाना अमेरिका के लिए मुश्किल नहीं है।
राष्ट्रपति ट्रंप कई बार ईरान को धमकी दे चुके हैं। रविवार को ईरानी मीडिया की रिपोर्ट से सामने आया कि सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने अपनी सेना को फायरिंग की भी इजाजत दे दी है।ऐसे में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौत हो रही है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान प्रदर्शनकारियों कुचलना बंद कर दे नहीं तो यह भारी पड़ने वाला है। मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ ईरान की ठना-ठनी लंबे समय से चलती ही रहती है। इसके अलावा ईरान के समर्थित कई कट्टरपंथी गुट भी अमेरिका केखिलाफ जहर उगलते हैं। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप को भी ईरान को सबक सिखाने के लिए मौके का ही इंतजार है।
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सोमवार को बड़ा आर्थिक हमला कर दिया है। उन्होंने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी का अतिरिक्ट टैरिफ लगा दिया है। इस लिस्ट में चीन, यूएई, तुर्की, ब्राजील और रूस शामिल हैं जो कि तेहराने के साथ ज्यादा व्यापार करते हैं।

लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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