रथ यात्रा से जुटाए गए 1400 करोड़ रुपये का क्या हुआ, मौलाना साजिद रशीदी का VHP से सवाल
मौलाना साजिद रशीदी ने आरोप लगाया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को जानबूझकर विश्व हिंदू परिषद से अलग दिखाने की कोशिश की जा रही है, ताकि संगठन पर उठ रहे सवालों का असर कम किया जा सके।

अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों के चंदे में गबन को लेकर विवाद जारी है। इस बीच, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIAA) के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) और उसके नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर आंदोलन के समय से ही वीएचपी की वित्तीय पारदर्शिता पर संदेह जताया जाता रहा है। रशीदी ने कहा कि रथ यात्रा के दौरान लगभग 1,400 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, लेकिन आज तक उस धन का कोई हिसाब जनता के सामने नहीं रखा गया। अब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदा गबन के मामले ने पुराने सवालों को फिर से चर्चा में ला दिया है।
मौलाना साजिद रशीदी ने यह भी आरोप लगाया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को जानबूझकर विश्व हिंदू परिषद से अलग दिखाने की कोशिश की जा रही है, ताकि संगठन पर उठ रहे सवालों का असर कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि चंपत राय एक अनुभवी और चतुर व्यक्ति हैं। वह इस समय खुद को VHP से कुछ दूरी पर रख रहे हैं। रशीदी का कहना है कि अगर वीएचपी का नाम इस मामले से सीधे जुड़ता है तो रथ यात्रा के दौरान जुटाए गए 1,400 करोड़ रुपये और वर्तमान विवाद को जोड़कर बड़ा मुद्दा खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में चंपत राय को पूरी तरह निर्दोष साबित करने की कोशिश की जा सकती है।
SIT की ओर से की जा रही जांच
इस बीच, राम मंदिर में चंदा गबन की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने 3 जुलाई को अयोध्या स्थित मंदिर परिसर पहुंचकर मामले की आगे की जांच की। उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई को एसआईटी को अपनी जांच पूरी करने के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है, ताकि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा सके। इससे पहले SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसके आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में नामजद आठों आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और उनसे पूछताछ जारी है।
एफआईआर में नाम आने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। हालांकि जांच अभी जारी है और किसी भी आरोपी की कानूनी जिम्मेदारी अदालत में तय होगी। दूसरी ओर, मौलाना साजिद रशीदी के ताजा बयान ने इस पूरे विवाद को नया एंगल दे दिया है। फिलहाल जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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