दुनिया खत्म होने का डर? एंथ्रोपिक के सीईओ ने दी चेतावनी तो समर्थन में उतरे एलन मस्क
एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने साफ तौर पर कहा है कि एआई के विकास की गति को कम करना होगा नहीं तो यह मानवता के लिए खतरा बन जाएगा। एलन मस्क और ओपनएआई चीफ ने भी उनका समर्थन किया है।

जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हमारे काम आसान करने के लिए बनाया गया वही आज मानवता के लिए खतरे के रूप में देखा जाने लगा है। एआई के विकास की वकालत करने वाले भी आज इसकी गति को कम करने पर विचार कर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुरक्षा और रिसर्च कंपनी एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई साफ तौर पर कहा है कि एआई के विकास की गति को नियंत्रित करने की जरूरत है वरान सुपरइंटेलिजेंट कंप्यूटर पूरी मानवता को मिटा सकता है। उन्होंने कहा कि एआई को बहुत ही बुद्धिमानी से आगे बढ़ाने की जरूरत है और इसके लिए अंधी दौड़ छोड़नी होगी। एलन मस्क और ओपनएआई चीफ सैम आल्टमैन ने भी उनकी बात का समर्थन किया है।
बीमारी बन सकता है एआई
डारियो ने कहा कि जिस एआई को इलाज के लिए बनाया गया, आने वाले 5 से 10 साल में वही सबसे बड़ी बीमारी बन सकता है। उन्होंने कहा कि एआई का दुरुपयोग साइबर अटैक और बायोटेररिजम के रूप में किया जा सकता है। इससे बहुत बड़ा आर्थिक संकट भी पैदा हो सकता है। डारियो ने कहा कि अगर एआई का विकास नहीं करते हैं तो लोग इसके फायदे से अछूते रह जाएंगे। वहीं अगर बिना सोचे समझे विकास किया जाता है तो यह नियंत्रण से बाहर हो जाएगा।
डारियो ने कहा कि एआई की गति को कम करने से मतलब यहा नहीं है कि विकास और ट्रेनिंग ही रोक दी जाए। बल्कि इसका मतलब है कि कंपनियों को पहले इसके दुष्प्रभाव से बचने के तरीके या फिर सुरक्षा के उपाय तलाश लेने चाहिए। इसके बाद एआई तकनीक को आगे बढ़ाना चाहिए। हो सकता है कि जिस काम में एक साल लगना है उसी में दो साल लग जाए। लेकिन सुरक्षा तकनीक के साथ किया गया काम टिकाऊ होगा और हमारे लिए किसी नए संकट को जन्म नहीं देगा।
एलन मस्क ने भी किया समर्थन
एलन मस्क ने एंथ्रोपिक के सीईओ का समर्थन करते हुए कहा कि वह भी उनकी बातों से सहमत हैं। उन्होंने कहा कहा कि अब वह थर्ड पार्टी इवैलुएटर्स की भी मदद लेंगे। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही एआई रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने ओपनएआई छोड़कर एंथ्रोपिक जॉइन कर लिया था। इसके बाद उन्होंने इंडस्ट्री ही छोड़ने का फैसला कर लिया। उनका कहना है कि दोनों ही कंपनियां हमारे जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।


