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ममता का चुनावी तोहफा, आंगनवाड़ी कर्मियों का बढ़ाया मानदेय; बेरोजगार युवाओं के लिए भी गुड न्यूज

ममता का चुनावी तोहफा, आंगनवाड़ी कर्मियों का बढ़ाया मानदेय; बेरोजगार युवाओं के लिए भी गुड न्यूज

संक्षेप:

West Bengal Budget Announcement: बजट में आशा वर्कर्स, पैराटीचर्स और सिविक वॉलंटियर्स के महीने के भत्ते में भी बढ़ोतरी की बात कही गई है। PTI के मुताबिक, आशा वर्कर्स, पैराटीचर्स और सिविक वॉलंटियर्स के मासिक भत्ते में 1000 टका की बढ़ोतरी का फैसला किया गया है।

Feb 05, 2026 03:46 pm ISTPramod Praveen पीटीआई
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West Bengal Budget Announcement: विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिला और युवा कार्ड का दांव चलते हुए राज्यभर की महिलाओं को चुनावी तोहफा दिया है। राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आज विधानसभा में बजट पेश करते हुए राज्य भर की आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोत्तरी का ऐलान किया। इसके अलावा उन्होंने लक्ष्मी भंडार योजना पर भी गुड न्यूज दी है। इस योजना के लाभुकों के मानदेय में भी हर महीने 500 रुपये की बढ़ोत्तरी का ऐलान किया गया है। बंगाल सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा में 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया है।

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बजट में आशा वर्कर्स, पैराटीचर्स और सिविक वॉलंटियर्स के मासिक भत्ते में भी बढ़ोतरी की बात कही गई है। PTI के मुताबिक, आशा वर्कर्स, पैराटीचर्स और सिविक वॉलंटियर्स के मासिक भत्ते में 1000 टका की बढ़ोतरी का फैसला किया गया है। इसी तरह आंगनवाड़ी वर्कर्स की महीने की सैलरी में भी 1000 टका की बढ़ोतरी का बजट में ऐलान किया गया है। इसके अलावा बंगाल सरकार के कर्मियों के महंगाई भत्ते में भी 4 फीसदी की बढ़ोत्तरी का ऐलान किया गया है।

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युवाओं पर भी दांव, नई योजना का ऐलान

चुनाव से ऐन पहले युवाओं पर भी दांव चलते हुए वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बेरोजगारों के लिए एक नई योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल सरकार बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये भत्ता देगी। यह बेरोजगारी भत्ता युवाओं को पांच वर्ष तक मिल सकेगा, जब तक नौकरी नहीं मिल जाती। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि इसी साल 15 अगस्त से बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। 21 से 41 साल के उन लोगों को भत्ता मिलेगा जिन्होंने सेकेंडरी स्कूल पास कर लिया है। योजना के मुताबिक, अगर राज्य स्कॉलरशिप नहीं देता है तो भी बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का नाम 'बांग्लार युवा साथी' है, इसके लिए 5000 करोड़ टका का आवंटन किया गया है।

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क्या है लक्ष्मी भंडार योजना

लक्ष्मी भंडार योजना पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा फरवरी 2021 में शुरू की गई एक प्रमुख वित्तीय सहायता योजना है। इसका उद्देश्य 25-60 वर्ष की आयु वर्ग की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने सीधे बैंक खाते में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) महिलाओं को 1,200 रुपये और सामान्य वर्ग को 1,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं। अब उनके खातों में 1700 और 1500 रुपये हर महीने ट्रांसफर हो सकेंगे।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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