किरेन रिजिजू नहीं सुन रहे, आप ही... मॉनसून सत्र से पहले PM मोदी को मल्लिकार्जुन खरगे की कैसी चिट्ठी

पीटीआई, नई दिल्ली
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रमेश ने कहा कि कांग्रेस विकसित भारत शिक्षा फाउंडेशन विधेयक, विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में किए जाने वाले संभावित संशोधनों सहित जनविरोधी विधेयकों का भी विरोध करेगी।

Prime Minister Narendra Modi exchanges greetings with Congress President and Rajya Sabha LoP Mallikarjun Kharge

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार (16 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित विधेयक को लेकर सरकार के प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले लिखे गए इस पत्र में खरगे ने कहा कि इस साल मार्च और अप्रैल में उन्होंने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को कई बार पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि केंद्र सरकार परिसीमन और उससे जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश उनके इन अनुरोधों को केंद्रीय मंत्री द्वारा स्वीकार नहीं किया गया।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि इसके बाद संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026 के लिए इस साल 17 अप्रैल को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं हो सका। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कुछ खबरों से उन्हें जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार अब आगामी मॉनसून सत्र के दौरान संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026 का संशोधित संस्करण फिर से संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। खरगे ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया, ''सरकार के परिसीमन आदि से संबंधित संशोधित प्रस्तावों पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की कृपा करें और उन्हें संसद में प्रस्तुत किए जाने से पूर्व उनका विस्तार से अध्ययन करने के लिए हमें पर्याप्त समय दें।''

अप्रैल में लटक गया था 131वां संविधान संशोधन विधेयक

बता दें कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य महिला आरक्षण को 2029 से लागू करना और लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन तथा लोकसभा सीटों की संख्या में बदलाव का रास्ता साफ करना था। यह संविधान संशोधन विधेयक 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सका था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस परिसीमन विधेयक का पुरजोर विरोध जारी रखेगी और विपक्षी एकजुटता बनाए रखने का प्रयास भी करेगी। उन्होंने दावा किया कि सरकार को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल होने की गुंजाइश नहीं है।

संसद में पुरजोर विरोध करेगी कांग्रेस

जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस ने संसद के मॉनसून सत्र में परिसीमन विधेयक आने पर उसका विरोध करने के साथ ही चढ़ावा चोरी, पेपर लीक और महंगाई समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने का निर्णय लिया है।मॉनसून सत्र से पहले पार्टी के संसदीय रणनीतिक समूह की गुरुवार को हुई अहम बैठक में सत्र के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति पर कांग्रेस नेताओं ने गहन विचार विमर्श किया। इस बैठक के बाद जयराम रमेश ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बैठक करीब डेढ़ घंटे चली और पार्टी की संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने इसकी अध्यक्षता की। श्रीमती गांधी के आवास पर हुई इस बैठक में चर्चा के दौरान पार्टी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। उनका कहना था कि सोमवार से मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन सरकार ने अब तक सत्र में लाए जाने वाले विधेयकों की औपचारिक जानकारी नहीं दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सत्र शुरु होने से पहले 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक होगी जिसमें सरकार प्रस्तावित विधेयकों के बारे में जानकारी देगी।

महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन की कोशिश स्वीकार्य नहीं

उन्होंने कहा कि सरकार परिसीमन विधेयक और उससे जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को फिर से लाने का प्रयास कर सकती है, जिसका पार्टी पुरजोर विरोध करेगी। उनका यह भी कहना था कि यदि सरकार मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिला आरक्षण लागू कर 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करती है तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी लेकिन महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन की कोशिश स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान की भावना के विपरीत दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों के साथ लगातार संपर्क में है और उसे विश्वास है कि सरकार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाएगी। उनका कहना था कि यदि सरकार इसमें सफल भी होती है तो वह 'कलंकित बहुमत' होगा।

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Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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