शरद पवार-उद्धव ठाकरे करते रहे इंतजार, कांग्रेस ने दूसरे दल से कर लिया करार; महाराष्ट्र में नया साथी कौन?
Maharashtra Local Body Elections: आगामी महानगर पालिका और जिला परिषद चुनावों के लिए कांग्रेस ने धनगर समुदाय के नेता महादेव जानकर के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP) के साथ गठबंधन की बुधवार को घोषणा की है।

Maharashtra Local Body Elections: महाराष्ट्र में बृह्नमुंबई महानगर पालिका (BMC) सहित 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव के लिए 15 जनवरी 2026 को मतदान होना है। इन चुनावों के लिए सत्ता पक्ष और विपक्षी गठबंधनों के घटक दलों के बीच सीटों के तालमेल पर अभी भी बातचीत जारी है। विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी (MVA) के दो घटक दलों (शरद पवार की एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना) जहां तीसरे घटक दल (कांग्रेस) से अभी बातचीत और मान-मनौव्वल की स्थिति में ही है, तब तक कांग्रेस ने इन दोनों को झटका देते हुए राज्य में एक नए साथी की तलाश कर उससे गठबंधन कर लिया है।
आगामी महानगर पालिका और जिला परिषद चुनावों के लिए कांग्रेस ने धनगर समुदाय के नेता महादेव जानकर के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP) के साथ गठबंधन की बुधवार को घोषणा की है। जानकर और कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बुधवार को कहा कि दोनों दल संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सीट बंटवारे के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी। यह तब हुआ है, जब कुछ दिनों पहले ही शिवसेना के संजय राउत ने राहुल गांधी को फोन कर राज्य में एकजुट होकर चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है।
15 जनवरी को 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव
बता दें कि महाराष्ट्र में बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) सहित 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी 2026 को होना है। वहीं, जिला परिषद चुनावों का औपचारिक कार्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया है, लेकिन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार चुनाव 31 जनवरी से पहले संपन्न कराए जाएंगे। सपकाल ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ हाथ मिलाने की इच्छुक रही है।
सशक्त आवाज हैं जानकर: सपकाल
उन्होंने जानकर के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जिस तरह कांग्रेस और राष्ट्रीय समाज पक्ष ने नगरपालिका और पंचायत चुनावों के दौरान कई क्षेत्रों में मिलकर काम किया था, उसी तरह वे नगर निगम और जिला परिषद चुनाव भी एक साथ लड़ेंगी।’’ सपकाल ने जानकर को बहुजन समुदाय की सशक्त आवाज बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और संविधान को कमजोर किया जा रहा है। सपकाल ने कहा, “ऐसी स्थिति में समान विचारधारा वाली पार्टियों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।”
औपचारिक गठबंधन की घोषणा अभी नहीं
हालांकि, सपकाल ने कहा कि नगरपालिका चुनावों के दौरान कांग्रेस और राष्ट्रीय समाज पक्ष के बीच किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की गई थी, लेकिन दोनों पार्टियों ने सतारा, सांगली, मराठवाड़ा और विदर्भ जैसे क्षेत्रों में एक साथ चुनाव लड़ा था। जानकर ने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, महात्मा फुले और डॉ. बीआर आंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित है। उन्होंने सपकाल की बात को दोहराते हुए कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाना सीटों की संख्या से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।

2003 में राष्ट्रीय समाज पार्टी की स्थापना
बता दें कि RSP ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले महायुति से गठबंधन किया था लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन तोड़ लिया था और अपने दम पर चुनाव लड़ा था। अब स्थानीय चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है। धनगर समुदाय से आने वाले महादेव जानकर ने 2003 में पार्टी की स्थापना की थी। 2009 में माधा सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए। फिर 2014 में उन्होंने बारामती लोकसभा चुनाव में सुप्रिया सुले का सामना किया, लेकिन वहां भी हार गए। हालांकि, इसके बावजूद उन्हें देवेंद्र फडणवीस सरकार के दौरान एमएलसी बनाया गया और बाद में पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया था। RSP मुख्य रूप से महाराष्ट्र के धनगर समुदाय और अन्य बहुजन समाज के हितों का प्रतिनिधित्व करती है।

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।




