एक नौकरी या पेंशन मिलेगी, अग्निवीरों के परिवार के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान

हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

अग्निपथ योजना के जरिए 4 सालों के कार्यकाल के लिए सेना में शामिल होने वाले अग्निवीरों के लिए एक और बड़ी योजना की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, इसका फायदा देश के लिए जान देने वाले अग्निवीरों के लिए परिवार को होगा।

Agniveer
देश के लिए शहीद होने वाले अग्निवीरों के परिवार के लिए जल्द ही बड़ा ऐलान हो सकता है। (Photo by Santosh Kumar/ Hindustan Times)

देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अग्निवीरों के परिजनों को नियमित सैनिकों की भांति कुछ सुविधाएं देने की संसदीय समिति की सिफारिश पर रक्षा मंत्रालय गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, अब तक साफ नहीं हो सका है कि चर्चा कहां तक पहुंची और कब तक इससे जुड़ी योजना का ऐलान किया जा सकता है।

मौजूदा समय में अग्निवीरों के संघर्ष और ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर उन्हें सिर्फ बीमा राशि मिलती है। दो अलग-अलग योजनाओं के तहत यह राशि एक करोड़ रुपये होती है। हाल में रक्षा मंत्रालय से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने इस मुद्दे पर अपनी सिफारिशों में कहा था कि जो अग्निवीर देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करते हैं, उनके परिवार के लिए भी कुछ किया जाना चाहिए। समिति ने कहा कि ऐसे मामलों में अग्निवीरों के परिजनों को भी नियमित सैनिकों की भांति कुछ सुविधाएं देने पर सरकार विचार करे।

संसदीय समिति ने की थी सिफारिश

युद्ध में यदि नियमित सैनिक शहीद होते हैं या ड्यूटी के दौरान मृत्यु होती है तो उनके परिजनों को पेंशन मिलती है। घर के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाती है। समिति का मानना है कि इनमें से कोई सुविधा अग्निवीर के परिजनों को मिलनी चाहिए, जिससे उनके परिवार का गुजर-बसर चल सके। सूत्रों का कहना है कि समिति की सिफारिश को लेकर सरकार गंभीर है और आने वाले समय में अग्निवीरों के परिजनों को किसी एक सुविधा का लाभ दिया जा सकता है।

सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभ, शहीद का दर्जा नहीं मिलता

अग्निपथ योजना के लिए सेनाओं में अग्निवीरों की चार साल के लिए भर्ती होती है। उनको सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभ नहीं मिलते। इसके अलावा युद्ध में मारे गए अग्निवीरों को शहीद सैनिक का दर्जा और उससे जुड़े लाभ भी नहीं मिलते हैं। सिर्फ बीमा की राशि देने का प्रावधान है। इस योजना को चार साल पूरे होने वाले हैं और तीनों सेनाओं में करीब डेढ़ लाख अग्निवीर अभी कार्य कर रहे हैं। थल सेना में करीब 1.25 लाख अग्निवीर तैनात हैं। तीनों सेनाओं में हर साल 45-50 हजार अग्निवीरों की भर्ती होती है। अब तक करीब दो दर्जन अग्निवीर ड्यूटी के दौरान मारे गए हैं।

यूपी में अग्निवीर भर्ती रैलियां

भाषा न्यूज एजेंसी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के छह जिलों में 17 अगस्त से अगले साल 14 अप्रैल तक अग्निवीर भर्ती रैलियां आयोजित की जाएंगी। इस सिलसिले में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस पी गोयल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें उन्होंने भर्ती स्थलों पर आवागमन, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा एवं यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में बताया गया कि मेरठ में 17 अगस्त से नौ सितंबर 2026, बरेली में 14 सितंबर से 30 सितंबर 2026, लखनऊ में 11 जनवरी से 28 जनवरी 2027, वाराणसी में दो फरवरी से 27 फरवरी 2027, आगरा में चार मार्च से 24 मार्च 2027 तथा अयोध्या में 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक अग्निवीर भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाएगा।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsएक नौकरी या पेंशन मिलेगी, अग्निवीरों के परिवार के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान