Hindi NewsIndia NewsAfter Operation Sindoor no place left to even sit in Muridke a top Lashkar commander revealed
ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुरीदके में बैठने लायक भी जगह नहीं बची; लश्कर के टॉप कमांडर ने बताया

ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुरीदके में बैठने लायक भी जगह नहीं बची; लश्कर के टॉप कमांडर ने बताया

संक्षेप:

अब्दुल रऊफ ने अपने संबोधन में एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उसने बताया कि भारतीय मिसाइलों के गिरने से चंद लम्हे पहले ही वहां मौजूद ट्रेनी को कैंप से बाहर निकाला गया था।

Jan 16, 2026 05:57 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक अब्दुल रऊफ ने एक समारोह के दौरान भारतीय मिसाइल हमलों की विनाशाकारी ताकत का कच्चा चिट्ठा खोला है। रऊफ ने स्वीकार किया कि 6 और 7 मई को हुए भारतीय हमलों ने उनके सबसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र और मुख्यालय की कमर तोड़ दी है। मुरीदके में नए आतंकियों को संबोधित करते हुए रऊफ ने उस मंजर का वर्णन किया जिसे अब तक लश्कर छिपाने की कोशिश कर रहा था। उसने संगठन के 'हब' के रूप में इस्तेमाल होने वाली एक ठिकाने के विनाश के बारे में बताया।

उसने कहा. "6-7 मई को जो हुआ, उसके बाद वह जगह अब मस्जिद नहीं रही। आज हम वहां बैठ भी नहीं सकते। वह पूरी तरह खत्म हो चुकी है। वह ढह गई है।" उसका यह बयान लश्कर की ओर से अब तक का सबसे बड़ा कबूलनामा है। आमतौर पर लश्कर जैसे संगठन अपनी कमजोरियों और नुकसान को छिपाते हैं, लेकिन रऊफ ने भारतीय स्ट्राइक की सटीकता को साबित कर दिया है।

बाल-बाल बचे थे आतंकी

अब्दुल रऊफ ने अपने संबोधन में एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उसने बताया कि भारतीय मिसाइलों के गिरने से चंद लम्हे पहले ही वहां मौजूद ट्रेनी को कैंप से बाहर निकाला गया था। यह दर्शाता है कि भारतीय खुफिया एजेंसी और सेना के पास सटीक जानकारी थी और हमला इतना अचानक था कि लश्कर के पास संभलने का वक्त नहीं था।

भारतीय सेना द्वारा मई के शुरुआती हफ्ते में चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' का लक्ष्य सीमा पार आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था। अब्दुल रऊफ वही कमांडर है जिसने हमले में मारे गए आतंकियों का अंतिम संस्कार कराया था। उन जनाजों की तस्वीरों ने पहले ही भारी नुकसान के संकेत दिए थे, लेकिन अब रऊफ के शब्दों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

Himanshu Jha

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Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


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