Hindi NewsIndia NewsAfter Muslims BJP demanding papers from Shankaracharya too Congress says
मुसलमानों के बाद शंकराचार्य से भी कागज मांगने लगे? कांग्रेस बोली- नतमस्तक ना होने की सजा

मुसलमानों के बाद शंकराचार्य से भी कागज मांगने लगे? कांग्रेस बोली- नतमस्तक ना होने की सजा

संक्षेप:

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्या स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नोटिस जारी करने को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा मुसलमानों के बाद अब शंकराचार्य से भी कागज मांगा जा रहा है।

Jan 20, 2026 06:33 pm ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ प्रशासन की कथित बदसलूकी और फिर उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से नोटिस जारी किए जाने को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि पहले यह सरकार मुसलमानों से नागरिकता का कागज मांगती थी और अब शंकराचार्य से भी कागज दिखाने को कहा जा रहा है।

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पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि किसी मुख्यमंत्री या प्रशासन की यह तय करने की हैसियत नहीं है कि शंकराचार्य कौन हैं। दरअसल, माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मौनी अमावस्या स्नान करने से मेला पुलिस और प्रशासन द्वारा कथित तौर पर रोके जाने को लेकर उठे विवाद के बीच मेला प्रशासन ने उन्हें एक नोटिस जारी करके पूछा है कि वह स्वयं को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में कैसे प्रचारित कर रहे हैं।

खेड़ा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘गुरु-शिष्य की एक अखंड परंपरा होती है, जिसके तहत शंकराचार्य चुने जाते हैं। लेकिन सरकार आधी रात को नोटिस देकर पूछ रही है कि आप शंकराचार्य हैं या नहीं।’ उनका कहना था, ‘‘जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अविमुक्तेश्वरानंद जी के सामने नतमस्तक हुए, तब तक वह शंकराचार्य थे, जब तक वह गौ मांस पर सरकार से सवाल नहीं पूछते थे, तब तक वह शंकराचार्य थे, जब तक अविमुक्तेश्वरानंद जी, आधे-अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का विरोध नहीं कर रहे थे, तब तक वह शंकराचार्य थे.... लेकिन अब वह शंकराचार्य नहीं रहे, क्योंकि वह राजा के सामने नतमस्तक नहीं हुए, इसलिए आदित्यनाथ आज इनसे कागज मांग रहे हैं।’

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘बीजेपी वाले पहले मुसलमानों से कहते थे कि कागज दिखाओ। अब स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि शंकराचार्य से भी कागज मांग रहे हैं।’ खेड़ा ने कहा, ‘‘1954 में सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि मठ के संचालन में हस्तक्षेप का किसी को अधिकार नहीं है। ऐसे में अजय सिंह बिष्ट (योगी आदित्यनाथ) ने जो नोटिस भेजा है, वह कानून का उल्लंघन है। पूरा देश मोदी और अजय सिंह बिष्ट के मौन को देख रहा है, देश इन्हें कभी माफ नहीं करेगा।’

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें
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