
बिहार में बंपर जीत के बाद भाजपा ने बंगाल में फूंका चुनावी बिगुल, लोगों से एक अपील कर रही पार्टी
भाजपा ने बंगाल भर में एकता यात्रा निकाल कर लोगों से ‘राष्ट्र-विरोधी’ तत्वों को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया गया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं को काले झंडे दिखाए।
भारतीय जनता पार्टी इन दिनों बिहार विधानसभा चुनावों में मिली बंपर जीत से गदगद है। हालांकि पार्टी बिना वक्त गंवाए अगले चुनाव यानी, बंगाल का किला भेदने की तैयारी में जुट गई है। बीजेपी ने बंगाल में चुनावी बिगुल फूंक दिया है और इसी क्रम में बिहार की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को राज्यभर में कई ‘एकता यात्रा’ रैलियों का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे आने और ‘‘राष्ट्र-विरोधी जिहादी’’ तत्वों को हराने का आह्वान किया है।
पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी बीरभूम जिले के नानूर में आयोजित रैली का नेतृत्व किया। वहीं केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने दक्षिण दिनाजपुर जिले में एक और रैली का नेतृत्व किया। शुभेंदु अधिकारी ने रैली की शुरुआत में कहा, ‘‘17 से 19 नवंबर की अवधि के दौरान, भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 121 स्थानों पर एकता यात्राएं आयोजित करने का आह्वान किया है। इसमें सभी राष्ट्रवादी और देशभक्तों से इसमें शामिल होने और राष्ट्र-विरोधी जिहादी तत्वों को करारा जवाब देने का अनुरोध किया गया है, और हजारों लोग स्वेच्छा से इसमें भाग ले रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी राष्ट्र-विरोधी ताकतों और उन्हें बढ़ावा देने वालों को एक स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि बंगाल और देश ऐसी ताकतों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं हो सकते।’’
वहीं तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं को काले झंडे दिखाए। अधिकारी ने कहा कि यह 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तेजी से कमजोर होती सत्तारूढ़ पार्टी की घबराहट का नतीजा है। उन्होंने कहा, ‘‘इस एकता यात्रा में, मैं ‘ममता को वोट न दें’ का आह्वान भी कर रहा हूं। मैं लोगों से कहूंगा कि वे देश की सुरक्षा और अखंडता तथा एक शांतिपूर्ण, समृद्ध पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा को वोट दें। आप किसी को भी वोट दें, लेकिन टीएमसी को अपने चुनाव से बाहर रखें।’’





