पिता सशस्त्र बल में, बेटा बन गया आतंकी; बोंडी के हत्यारे साजिद अकरम का हैदराबाद कनेक्शन

Dec 17, 2025 09:18 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियों का मानना है कि साजिद और नावेद दोनों सिडनी में ही कट्टरपंथी बने। जानकारी के अनुसार, नावेद ने 2019 से 2022 के बीच सिडनी में अरबी और धार्मिक पाठ्यक्रम किए थे।

पिता सशस्त्र बल में, बेटा बन गया आतंकी; बोंडी के हत्यारे साजिद अकरम का हैदराबाद कनेक्शन

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बोंडी बीच पर रविवार को हुए भीषण आतंकी हमले में 15 लोगों की मौत के बाद मारे गए संदिग्ध साजिद अकरम के भारत से जुड़े तार सामने आए हैं। 50 वर्षीय भारतीय मूल का साजिद अकरम नवंबर 1998 में ऑस्ट्रेलिया चला गया था और तब से उसका हैदराबाद में रह रहे परिवार से बहुत सीमित संपर्क रहा। तेलंगाना पुलिस और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, साजिद की जड़ें हैदराबाद के टोली चौकी स्थित अल हसनाथ कॉलोनी से जुड़ी हैं। उसके पिता, जो सशस्त्र बलों से सेवानिवृत्त अधिकारी थे और बड़ा भाई पेशे से डॉक्टर हैं, वहीं रहते हैं। तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी ने बताया कि साजिद अपने पिता के 2009 में निधन के समय भी भारत नहीं आया था।

डीजीपी रेड्डी के अनुसार, “हमें जानकारी मिली है कि पिछले 27 वर्षों में साजिद करीब छह बार भारत आया, वह भी मुख्य रूप से संपत्ति से जुड़े मामलों के लिए। खास बात यह है कि पिता के निधन पर भी वह भारत नहीं लौटा।”

पुलिस ने स्पष्ट किया कि साजिद के खिलाफ भारत में प्रवास से पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। उसने हैदराबाद के अनवर-उल-उलूम कॉलेज से कॉमर्स में स्नातक किया था। बाद में उसने ऑस्ट्रेलियाई नागरिक वेनेरा ग्रोसो से शादी की, जिनसे उसके एक बेटा और एक बेटी हैं। सूत्रों के मुताबिक, साजिद 2001 के आसपास अपनी पत्नी को हैदराबाद लाया था, जहां पारंपरिक निकाह हुआ था।

परिवार ने पुलिस को बताया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि साजिद और उसके 24 वर्षीय बेटे नावेद कब और कैसे कट्टरपंथी बने। डीजीपी रेड्डी ने कहा, “रिपोर्ट्स से संकेत मिलते हैं कि वे ISIS की विचारधारा से प्रभावित थे, लेकिन उनके कट्टरपंथी बनने के कारणों का भारत से कोई संबंध नहीं दिखता।”

ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियों का मानना है कि साजिद और नावेद दोनों सिडनी में ही कट्टरपंथी बने। जानकारी के अनुसार, नावेद ने 2019 से 2022 के बीच सिडनी में अरबी और धार्मिक पाठ्यक्रम किए थे। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि नवंबर 2025 में पिता-पुत्र फिलीपींस गए थे, जहां उन्हें कथित तौर पर सैन्य-शैली का प्रशिक्षण मिला, जिसके बाद वे सिडनी लौटे।

न्यू साउथ वेल्स के पुलिस आयुक्त माल लैनन ने बताया कि नावेद के वाहन से तत्काल बने विस्फोटक और ISIS के दो हाथ से बने झंडे बरामद किए गए हैं। इस हमले में कुल 40 लोग घायल हुए, जिनमें तीन भारतीय छात्र भी शामिल हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है और वे अस्पताल में भर्ती हैं।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


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