गलवान के बाद अब अरुणाचल प्रदेश? स्वतंत्रता दिवस से पहले कांग्रेस ने सरकार को ‘चीनी हरकत’ पर घेरा, PM से जवाब मांगा
खरगे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से उन खबरों पर जवाब मांगा, जिनमें कहा गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारतीय सैनिकों की पेट्रोलिंग पर रोक लगा दी है।

कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में चीन की कथित आक्रामकता को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मामले पर देश को जवाब देना चाहिए। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया कि ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि चीन अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने तक्सिंग के पास अपनी मौजूदगी बढ़ाई है और क्या भारत की 'शेरा-5' नामक निर्धारित 'पेट्रोलिंग प्वाइंट' तक नियमित पहुंच प्रभावित हुई है? खरगे ने कहा कि भारत अपनी सेना के साथ मजबूती से खड़ा है और चीन की किसी भी आक्रामकता के खिलाफ एकजुट है, लेकिन सरकार को यह साफ करना चाहिए कि क्या भारतीय सैनिकों की 'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) के पास के इलाकों तक पहुंच खत्म हो गई है।
खरगे ने यह सवाल भी उठाया कि संवेदनशील क्षेत्र में सर्दियों के दौरान भारतीय गश्त कथित तौर पर सीमित क्यों रहती है, जबकि पीएलए साल भर वहां मौजूद रहती है? कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्वी लद्दाख में मई 2020 से पहले की स्थिति पूरी तरह बहाल होने को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि संसद को विश्वास में लिया जाना चाहिए कि भारत की उन सभी क्षेत्रों और 'पेट्रोलिंग प्वाइंट' तक पहुंच बरकरार है या नहीं, जहां भारतीय बल मई 2020 से पहले नियमित रूप से पहुंचते थे।
चीन को 'क्लीन चिट' देने का आरोप
खरगे ने गलवान घाटी में 2020 की हिंसक झड़प का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर चीन को 'क्लीन चिट' देने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार का पिछला रिकॉर्ड इस मुद्दे पर विश्वास पैदा नहीं करता। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह से देश के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और क्षमता पर पूरा भरोसा है तथा देश किसी भी चीनी आक्रामकता के खिलाफ एकजुट है।
सरकार की चुप्पी खतरनाक
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय बलों को गश्त से रोके जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है, लेकिन इससे अधिक चिंताजनक प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह की "चुप्पी" है। गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार चीन को रोकने के बजाय इन खबरों को रोकने के लिए मीडिया पर दबाव डाल रही है। उन्होंने गलवान के बाद प्रधानमंत्री के उस बयान का हवाला दिया जिसमें मोदी ने कहा था कि भारत की 'एक इंच भी जमीन नहीं गई है।
विदेश मंत्रालय का बयान
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार देश की सुरक्षा की तुलना में अपनी छवि बचाने को अधिक महत्व दे रही है और कहा कि ऐसी स्थिति देश के लिए 'बेहद खतरनाक' है। विदेश मंत्रालय ने चीन के साथ सीमा मुद्दों को 'सबसे गंभीर' बताते हुए मंगलवार को कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति व स्थिरता बनाए रखना 'अत्यंत महत्वपूर्ण' है और सीमा की स्थिति दोनों देशों के आपसी संबंधों की आगे की दिशा तय करेगी। मंत्रालय ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का 'अटूट और अभिन्न अंग' है और इस 'अविवादित सत्य' को कोई नहीं बदल सकता।


