
बिहार के बाद अब बंगाल में अगले महीने से शुरू हो सकता है SIR, CM ममता बनर्जी ने किया है विरोध
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने सभी जिला अधिकारियों को भी तैयारी तुरंत शुरू करने के लिए कह दिया है और कहा है कि सभी पेंडिंग काम बिना देर किए पूरे हो जाने चाहिए।
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले हुए स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) पर खूब बवाल मचा और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। अब चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में एसआईआर करवाने जा रहा है। इसकी शुरुआत एक नवंबर से हो सकती है। न्यूज-18 के सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने सभी डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर (DEO) को अलर्ट रहने के लिए कहा है, क्योंकि यह काम कभी भी शुरू हो सकता है। बंगाल में एसआईआर करवाने का विरोध खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया है। उन्होंने कहा था कि बिहार में लाखों लोगों का नाम हट गया, लेकिन अगर ऐसा ही यहां हुआ तो विरोध करेंगे। एसआईआर यहां हुआ तो एक भी नाम नहीं कटने देंगे।

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने सभी जिला अधिकारियों को भी तैयारी तुरंत शुरू करने के लिए कह दिया है और कहा है कि सभी पेंडिंग काम बिना देर किए पूरे हो जाने चाहिए। सूत्रों के अनुसार, आज से सीईओ का ऑफिस 24*7 खुला रहेगा और एसआईआर से जुड़े लोगों को ऑफिस में मौजूद रहना होगा।
इसके अलावा, डीईओ और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) को दफ्तरों में एसआईआर से संबंधित हेल्पडेस्क बनाने के लिए भी कहा गया है। एसआईआर को लेकर होने वाली सभी चर्चाओं और फैसलों की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भी देनी होगी। वहीं, अगस्त महीने में जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पूछा गया कि क्या बिहार के बाद बंगाल में भी एसआईआर होगा, तो उन्होंने जवाब दिया कि हम चुनाव आयोग के तीनों कमिश्नर उचित समय लेकर उस पर फैसला करेंगे कि बंगाल में कब होना है या फिर देश के अन्य राज्यों में कब होना है। उसकी तारीखों का ऐलान आने वाले समय में किया जाएगा।
वहीं, हाल ही में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल की मौजूदा वोटर लिस्ट में लिस्टेड करीब 45 फीसदी वोटरों के नाम पिछले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान तैयार की गई 2002 की लिस्ट में नहीं थे। चुनाव आयोग ने 2026 के राज्य चुनावों से पहले वोटर मैपिंग की एक्सरसाइज शुरू कर दी है। एक सीनियर पोल पैनल अधिकारी ने कहा, “वोटर मैपिंग प्रोसेस अभी भी जारी है और जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है। लेकिन अभी तक, मौजूदा इलेक्टोरल रोल में लगभग 45% वोटरों के नाम 2002 की वोटर लिस्ट से मैच नहीं कर रहे थे, जब राज्य में पिछली एसआईआर हुआ था।''

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
और पढ़ें



