Hindi NewsIndia NewsAfter Bihar now SIR of Tamil Nadu voter list to begin in week or so EC tells court
अब तमिलनाडु की बारी, एक सप्ताह में शुरू होगी SIR प्रक्रिया; लागू होंगे बिहार वाले नियम

अब तमिलनाडु की बारी, एक सप्ताह में शुरू होगी SIR प्रक्रिया; लागू होंगे बिहार वाले नियम

संक्षेप:

सत्यनारायणन ने दलील दी कि पिछले 25 वर्षों में क्षेत्र की जनसंख्या में भारी वृद्धि के बावजूद मतदाताओं की संख्या में बहुत मामूली वृद्धि हुई है- 1996 में 2,08,349 से बढ़कर 2021 में केवल 2,45,005 हो गए।

Sat, 25 Oct 2025 11:10 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
share Share
Follow Us on

निर्वाचन आयोग (ECI) ने शुक्रवार को मद्रास हाईकोर्ट को बताया कि तमिलनाडु में मतदाता सूची का “स्पेशल इंटेंसिव रिविजन” (SIR) एक सप्ताह के भीतर शुरू किया जाएगा। यह प्रक्रिया 2026 विधानसभा चुनावों से पहले पूरे देश में मतदाता सूची को अपडेट करने के राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है। मुख्य न्यायाधीश मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी अरुलमुरुगन की पीठ के समक्ष पेश हुए निर्वाचन आयोग के स्थायी अधिवक्ता निरंजन राजगोपालन ने कहा कि यह पुनरीक्षण प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार के समान मामले में जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

राजगोपालन ने अदालत को बताया कि आयोग ने पहले ही देशभर के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ परामर्श कर लिया है, ताकि सभी राज्यों में एकसमान प्रक्रिया अपनाई जा सके। यह जानकारी उस जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान दी गई, जिसे पूर्व एआईएडीएमके विधायक बी. सत्यनारायणन ने दायर किया था।

सत्यनारायणन 2016 से 2021 तक टी नगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले उनके क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में गड़बड़ियां हुईं, जिनमें हजारों नामों का गलत तरीके से डिलीट किया गया था- जिनमें अधिकतर एआईएडीएमके समर्थक थे।

उन्होंने अदालत को बताया कि 2021 में वे डीएमके प्रत्याशी जे. करुणानिधि से केवल 137 वोटों के अंतर से हार गए थे। उन्होंने कहा, “इतने कम अंतर से हार और हजारों गलत डिलीशन एवं गलत नाम शामिल किए जाने से यह स्पष्ट है कि मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताएं थीं, जिसने चुनाव परिणाम को प्रभावित किया।”

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्यनारायणन ने दलील दी कि पिछले 25 वर्षों में क्षेत्र की जनसंख्या में भारी वृद्धि के बावजूद मतदाताओं की संख्या में बहुत मामूली वृद्धि हुई है- 1996 में 2,08,349 से बढ़कर 2021 में केवल 2,45,005 हो गए। उन्होंने इसे “स्थिर वृद्धि” बताते हुए “कानूनी और संवैधानिक चिंता का विषय” कहा। याचिका में अदालत से मांग की गई है कि टी नगर क्षेत्र के सभी 229 मतदान केंद्रों की पूर्ण पुन:जांच बूथ स्तर अधिकारियों (BLOs) के माध्यम से कराई जाए।

सत्यनारायणन का आरोप है कि BLOs ने “मैदान में वास्तविक सर्वेक्षण किए बिना” मतदाता सूची तैयार की, जिससे डुप्लिकेट प्रविष्टियां, गैर-निवासियों और मृत व्यक्तियों के नाम शामिल हो गए, और साथ ही कई वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं 229 में से 100 बूथों के आंकड़े जांचे और भारी विसंगतियां पाईं। हालांकि, उन्होंने विस्तृत रिपोर्टें चुनाव अधिकारियों को सौंपीं, लेकिन “कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई,” जो उनके अनुसार “कर्तव्य में गंभीर लापरवाही” और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता को कमजोर करने वाली थी।

याचिका में एक तमिल दैनिक की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें दावा किया गया था कि 13,000 से अधिक एआईएडीएमके समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। सत्यनारायणन ने कहा कि यह लापरवाही जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और संविधान के अनुच्छेद 326 में निहित मताधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, “ऐसी विसंगतियों को जारी रहने देना चुनावों की निष्पक्षता को खतरे में डालता है और जनता के विश्वास को कमजोर करता है।”

इस पर निर्वाचन आयोग के वकील ने अदालत को आश्वस्त किया कि याचिकाकर्ता की सभी शिकायतें आगामी राज्यव्यापी मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान “प्रभावी रूप से निपटाई जाएंगी।” उन्होंने कहा कि आयोग पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है और बिहार में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगा।

पीठ ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह बिहार SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति अदालत में प्रस्तुत करे। साथ ही याचिकाकर्ता को भी अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने की अनुमति देते हुए सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar
अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।