मान गए राज्यपाल! कल सीएम पद की शपथ लेंगे थलापति विजय; ऐसे हासिल किया बहुमत

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
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तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव! एक्टर विजय की पार्टी TVK ने सहयोगियों के साथ मिलकर 121 विधायकों का बहुमत हासिल कर लिया है। 1967 के बाद पहली बार DMK-AIADMK के बाहर का कोई नेता तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बननेगा।

मान गए राज्यपाल! कल सीएम पद की शपथ लेंगे थलापति विजय; ऐसे हासिल किया बहुमत

अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री होंगे। राज्यपाल ने शनिवार को 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) प्रमुख विजय को सरकार बनाने का न्योता दे दिया। सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु के मनोनीत मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय कल सुबह 10 बजे शपथ लेंगे। इससे पहले तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति आखिरकार शनिवार को खत्म हो गई। वीसीके और आईयूएमएल ने विजय को 'बिना शर्त समर्थन' दिया, जिससे तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने 234 सदस्यीय विधानसभा में साधारण बहुमत के लिए जरूरी संख्या बल अब हासिल कर लिया है। सहयोगी दलों के समर्थन के बाद, विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद लोक भवन सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML के समर्थन से अब 121 विधायक TVK के समर्थन में हैं और राज्य में सरकार बनाने का उसका रास्ता अब साफ हो गया है।

किसने दिया विजय को समर्थन?

थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) ने आखिरकार विजय को समर्थन दे दिया। पार्टी के दो विधायक हैं। लंबे समय से वाम दलों की सहयोगी रही वीसीके ने पहले ही घोषणा की थी कि उसका निर्णय वामपंथी पार्टियों के रुख के अनुरूप रहेगा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने शुक्रवार को विजय को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी। दोनों वाम दलों के दो-दो विधायक हैं।

विजय का समर्थन करने से जुड़े वीसीके के निर्णय के कुछ ही देर बाद, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के एक और सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने भी टीवीके को समर्थन दे दिया। आईयूएमएल के दो विधायक हैं। वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से टीवीके के पास संख्या बल बढ़कर 121 हो गया, जो तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों से दो अधिक है।

बहुमत का गणित और TVK की स्थिति

विधानसभा की स्थिति: तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं, जिसमें सरकार बनाने के लिए 118 सीटों (बहुमत) की आवश्यकता होती है।

TVK का प्रदर्शन: अपने पहले ही चुनाव में TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, पार्टी बहुमत के आंकड़े से थोड़ी दूर रह गई थी।

तकनीकी पेंच: पार्टी प्रमुख विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है। नियमानुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इससे TVK के विधायकों की संख्या 107 रह जाएगी और विधानसभा की प्रभावी सदस्य संख्या 233 हो जाएगी।

सहयोगी दलों का 'बिना शर्त समर्थन'

TVK को बहुमत के पार ले जाने में पांच दलों ने अहम भूमिका निभाई है। कुल मिलाकर 13 विधायकों ने विजय को अपना समर्थन दिया है, जिससे TVK गठबंधन की कुल ताकत 121 हो गई है।

समर्थन देने वाले दल और उनके विधायकों की संख्या इस प्रकार है:

कांग्रेस: 5 विधायक

सीपीआई: 2 विधायक

सीपीआई(एम): 2 विधायक

वीसीके: 2 विधायक

आईयूएमएल: 2 विधायक

शनिवार के प्रमुख घटनाक्रम

IUML का समर्थन: इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेताओं, एसएसबी सैयद फारूक बाशा और एएम शाहजहां ने राज्यपाल को पत्र लिखकर TVK को अपना 'बिना शर्त समर्थन' दिया। उन्होंने लिखा कि यह समर्थन तमिलनाडु के लोगों के लिए स्थिर, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक शासन के हित में है।

VCK का समर्थन: विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) के अध्यक्ष थोल. तिरुमावलवन ने भी TVK के चुनाव अभियान महासचिव आधव अर्जुन को आधिकारिक समर्थन पत्र सौंपा। राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में उन्होंने राज्य में एक स्थिर सरकार के निर्माण की बात कही।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया: इन समर्थनों के बाद, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी बयान देते हुए कहा- 118 का आंकड़ा हासिल कर लिया गया है।

इससे पहले विजय ने राज्यपाल से तीन बार मुलाकात की थी, लेकिन आधिकारिक तौर पर बहुमत साबित करने वाले विधायकों के समर्थन पत्र न होने के कारण उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला था।

इस घटनाक्रम का ऐतिहासिक महत्व

यह तमिलनाडु की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। जब विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, तो वह 1967 के बाद पहले ऐसे नेता बन जाएंगे जो राज्य की दो पारंपरिक और प्रमुख द्रविड़ पार्टियों (DMK और AIADMK) के गठबंधन से बाहर के हैं। यह पिछले लगभग छह दशकों से चले आ रहे DMK और AIADMK के वर्चस्व को तोड़ने वाली एक बहुत बड़ी राजनीतिक घटना है।

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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