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मुसलमान पाकिस्तान जा रहा था लेकिन बाबा साहेब ने कहा- नहीं; अबू आजमी क्या बोले

मुसलमान पाकिस्तान जा रहा था लेकिन बाबा साहेब ने कहा- नहीं; अबू आजमी क्या बोले

संक्षेप:

सपा नेता अबू आजमी ने कहा कि पूरी दुनिया में बीआर आंबेडर जितना संघर्ष करने वाला और प्रसिद्ध व्यक्ति नजर नहीं आता। हर गली में और हर घर में उनकी फोटो है। लोग उन्हें मानते हैं। हम भी उनका अभिवादन करने आए हैं।

Dec 06, 2025 11:45 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने शनिवार को बड़ा बयान दिया। विभाजन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, '1942 में जब हिन्दुस्तान और पाकिस्तान अलग हुए, तब मुसलमान पाकिस्तान जा रहा था। मोहम्मद अली जिन्ना ने कहा कि हम एक मुस्लिम कंट्री अलग बना रहे हैं। लेकिन, बाबा साहेब ने कहा कि नहीं। ये देश जो बनेगा उसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबको बराबरी का हक दिया जाएगा।'

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अबू आजमी ने कहा कि ऐसे लोग थे, जिन्होंने दलितों के साथ जुल्म किया। उन्होंने कहा, 'मैं समझता हूं कि बाबा साहेब ने बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी। उन्होंने दलितों और मुसलमानों के साथ बहुत बड़ा न्याय किया है। अगर आज हम खड़े होकर अपने सबसे बड़े मालिक के खिलाफ बोलने की ताकत रखते हैं तो यह बाबा साहेब का दिया हुआ है। इसलिए हम बाबा साहेब का एहसान कभी भूल नहीं सकते हैं। चाहे आंबेडकर साहेब की पुण्यतिथि हो या जन्मदिन हो, हम उसे बहुत उत्साह के साथ मनाते हैं।'

बीआर आंबेडर के संघर्ष को किया याद

सपा नेता अबू आजमी ने कहा कि पूरी दुनिया में बीआर आंबेडर जितना संघर्ष करने वाला और प्रसिद्ध व्यक्ति नजर नहीं आता। हर गली में और हर घर में उनकी फोटो है। लोग उन्हें मानते हैं। हम भी उनका अभिवादन करने आए हैं। बीआर आंबेडकर भारतीय संविधान के प्रमुख रचयिता और समाज सुधारक थे। 14 अप्रैल 1891 को महू में उनका जन्म हुआ। उन्होंने दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए जीवन समर्पित किया।

कोलंबिया और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डिग्री प्राप्त कर बीआर आंबेडकर अर्थशास्त्री, वकील और राजनीतिज्ञ बने। स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष रहे। छुआछूत के खिलाफ आंदोलन चलाए, पूना पैक्ट और मंदिर प्रवेश जैसे संघर्ष किए। 1956 में नागपुर में लाखों अनुयायियों संग बौद्ध धर्म अपनाया। 6 दिसंबर 1956 को दिल्ली में उनका निधन हुआ, जिसे महापरिनिर्वाण दिवस मनाया जाता है। 1990 में मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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