सोनम ने अनशन तोड़ा, अभिजीत ने तालमेल; प्रधान के इस्तीफा देने तक जंतर-मंतर आंदोलन, CJP का ऐलान
नरेंद्र मोदी सरकार ने छात्रों के संसद मार्च के तीन दिन बाद सोनम वांगचुक का अनशन खत्म करा लिया। लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया है।

शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के बाद से फैल रहे छात्र आंदोलन को नियंत्रित करने में नरेंद्र मोदी सरकार को पहली बड़ी कामयाबी मिल गई है। गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने सरकार से अपनी तीन मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद गुरुवार की देर रात अनशन तोड़ दिया। लेकिन, सीजेपी के मुखिया अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से तालमेल तोड़ते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने शुक्रवार को देश के हर जिले में प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसे विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा है। लाइव हिन्दुस्तान ने शाम में ही बताया था कि अनशन टूटने के बाद भी आंदोलन चल सकता है, क्योंकि सोनम और कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों और प्राथमिकताओं में अंतर आ गया है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सरकार का आश्वासन पत्र लेकर सोनम वांगचुक के पास गए थे, जिसमें संसद मार्च और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर केस-मुकदमा नहीं करने, नीट सुसाइड मामलों में परिवार के लिए उचित मुआवजा और संसद में मुद्दे पर सार्थक बहस का भरोसा दिया गया है। नड्डा ने वांगचुक को पत्र सौंपने से पहले उसे पढ़कर भी सुनाया और उसके बाद अपने हाथों से अनशन तुड़वाया। सोनम ने अनशन तोड़ने के बाद सोशल मीडिया पोस्ट लिखा है, जिसमें आंदोलन के दौरान हिंसा को लेकर वो काफी आशंकित नजर आ रहे हैं। वांगचुक ने कहा है कि बहुत जल्द वो वीडियो बनाकर विस्तार से सारी बातें बताएंगे।
वांगचुक ने लिखा है- ‘यह देश में संभावित हिंसा को देखते हुए और विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद किया गया है। मैं जल्द ही एक वीडियो में इन शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा। इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें।’ सोनम के अनशन का 26वां दिन था। उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर पहले सफदरजंग अस्पताल और फिर उनकी पसंद से गुरुग्राम के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक के अनशन तोड़ने से उनलोगों की चिंता कम हुई है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन चलता रहेगा। अभिजीत ने लिखकर और फिर बाद में वीडियो बनाकर असाधारण साहस और त्याग के लिए सोनम वांगचुक का आभार जताया है। दीपके ने कहा कि अपनी जान को दांव पर लगाकर वांगचुक ने पूरे देश की अंतरात्मा को जगा दिया। उन्होंने कहा कि वांगचुक का जीवन इस देश के लिए बहुत कीमती है। शुक्रवार को दिन में जेपी नड्डा और कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के बीद दूसरे दौर की बातचीत तय होने की खबर है। प्रधान के इस्तीफा पर सरकार या सीजेपी के स्टैंड में कोई लचीलापन आएगा, इस बात की संभावना कम है। संविधान क्लब में होने वाली इस बैठक पर अब देश की नजर होगी।


