अभिषेक बनर्जी अपनी ही बात में फंसे, गिरफ्तारी की आ गई नौबत
तृणमूल कांग्रेस के सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने छह साल पहले जो एक चुनौती दी थी, आज उसी में बुरी तरह घिर गए हैं। बनर्जी के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हुआ था और अब हाई कोर्ट ने रोक हटा ली है।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ जहां वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से लेकर पश्चिम बंगाल की पुलिस तक के निशाने पर हैं तो दूसरी तरफ अब मध्य प्रदेश से भी एक बड़ी मुसीबत आ चुकी है। 6 साल पहले कोलकाता में एक चुनावी रैली में दिए गए भाषण की वजह से उनकी गिरफ्तारी की नौबत आ गई है। मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय पर की गई टिप्पणी के बाद मानहानि का मुकदमा किया गया था। इस मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट से रोक हटा लिए जाने के बाद अब कैलाश की जल्द गिरफ्तारी की संभावना है।
पिछले कुछ महीनों में ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के लिए हालात तेजी से बदल गए हैं। पश्चिम बंगाल की सत्ता के दो सबसे अहम केंद्र अब चौतरफा घिरे हुए हैं। विधानसभा चुनाव में करारी हार, विधायकों-सांसदों की टूट से पार्टी में हाहाकार और जांच-केस से लेकर गिरफ्तारी तक की तलवार तक... मुश्किलें ही मुश्किलें। पश्चिम बंगाल में ही बेहाल अभिषेक बनर्जी को बुधवार को मध्य प्रदेश से बड़ा झटका तब लगा जब हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने मानहानि मामले में टीएमसी सांसद की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को हटा ली है।
तब क्या बोले थे अभिषेक, क्यों हुआ था मानहानि वाला मुकदमा
बात छह साल पुरानी है। कैलाश विजयर्गीय के बेटे आकाश उस समय इंदौर-3 विधानसभा सीट से विधायक थे। नवंबर 2020 में अभिषेक बनर्जी ने डायमंड हार्बर की एक सभा के दौरान भाजपा के कई नेताओं का नाम लेकर हमला किया था और इस दौरान आकाश को भी 'गुंडा' कहकर संबोधित किया था। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि उनमें ताकत है तो केस करें। उस समय दी गई अपनी चुनौती में ही अभिषेक फंस गए हैं।
अभिषेक बनर्जी को भाजपा नेता अक्सर भाईपो (भतीजा, क्योंकि ममता बनर्जी के भतीजे हैं) कहकर बुलाते हैं। अभिषेक ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था, 'मुझे बार-बार भाईपो कहा जाता है। जो भाजपा मुझे बार-बार भाईपो कहती है यदि उनमें हिम्मत है तो मुझे मेरे नाम से बुलाएं।' अभिषेक यहीं नहीं रुके और भाजपा के कई नेताओं के नाम लेते हुए उन्हें गुंडा-माफिया कहा। उन्होंने कहा, 'मैं नाम लेकर कह रहा हूं कि कैलाश विजयवर्गीय (उस समय बंगाल में भाजपा के लिए काम कर रहे थे) बाहरी हैं। मैं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का नाम ले रहा हूं, वह गुंडा और माफिया हैं। मैं नाम लेकर कह रहा हूं कि अमित शाह बाहरी हैं। मैं उनका नाम ले रहा हूं। सुनील देवधर बाहरी हैं। मैं कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय का नाम ले रहा हूं वह गुंडा है। यदि आपमें ताकत है मेरे खिलाफ केस दर्ज करो, मुझ पर कानूनी कार्रवाई करके दिखाओ।'
आकाश ने स्वीकार की चुनौती और कर दिया था मानहानि का मुकदमा
आकाश विजयवर्गीय ने अभिषेक बनर्जी की चुनौती कबूल की और 2021 की शुरुआत में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में कर दिया था। इस अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। बनर्जी ने आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। जबलपुर बेंच ने अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसे अब हटा लिया है। बुधवार को जब याचिका की सुनवाई हुई तो अभिषेक की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा लगता है कि याचिकाकर्ता की इस याचिका को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं है।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
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