अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी का रास्ता खुल गया, ममता के भतीजे पर मध्य प्रदेश से आई मुसीबत

Sudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, जबलपुर
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तृणमूल कांग्रेस की सर्वेसर्वा ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने अरेस्ट वारंट पर लगी रोक खत्म कर दी है।

अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी का रास्ता खुल गया, ममता के भतीजे पर मध्य प्रदेश से आई मुसीबत

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी चौतरफा मुसीबतों से घिरे हुए हैं। इस बीच अभिषेक बनर्जी पर गिरफ्तारी की तलावर लटक गई है। एक छह साल पुराने मानहानि के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। अदालत ने इसके लिए रास्ता साफ कर दिया है। अदालत का यह आदेश उस दिन आया जिस दिन सांसद के खिलाफ पश्चिम बंगाल में भी दो नए केस दर्ज किए गए हैं।

ईडी समेत कई जांच एजेंसियों के रडार पर आए अभिषेक बनर्जी को जहां एक तरफ जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ उनके खिलाफ कई कानूनी मोर्चे भी खुल गए हैं। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने अभिषेक बनर्जी की याचिका को खारिज कर दिया और हाई कोर्ट से 12 नवंबर 2025 को मिले स्टे को हटा दिया। भोपाल में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने यह अरेस्ट वारंट जारी किया था। अदालत ने कहा, ‘पहले चरण में भी याचिकाकर्ता की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता की इस याचिका की कार्यवाही में कोई दिलचस्पी नहीं है। याचिकाकर्ता के पक्ष में दिए गए स्टे को भी हटाया जा रहा है। ’

अभिषेक बनर्जी की हो सकती है गिरफ्तारी

अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी अरेस्ट वारंट पर लगी रोक को हटा दिया है। इससे बनर्जी की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश पुलिस जल्द ही पश्चिम बंगाल जाकर उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। यह भी संभव है कि एमपी पुलिस के ऐक्शन से पहले वह सुप्रीम कोर्ट जाकर राहत की मांग करें।

6 साल पहले कोलकाता में दिया था बयान

सांसद अभिषेक बनर्जी के अरेस्ट वारंट से स्टे हटाते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि आदेश की कॉपी तुरंत ट्रायल कोर्ट को भेजी जाए। यह मामला 6 साल पुराना है, जब नवंबर 2020 में एक चुनावी रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी ने आकाश विजयवर्गीय के लिए कथित तौर पर 'गुंडा' वाला बयान दिया था। आकाश विजयवर्गीय ने एमपी-एमएलए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। याचिका में कहा गया था कि वह वर्तमान में एक सांसद हैं, ऐसे में उनके फरार होने की संभावना नहीं है। इस बीच पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता अभिजीत दास की शिकायत पर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले में दो एफआईआर दर्ज की गई है।

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सुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)


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