आंखें मूंदे बैठा है चुनाव आयोग; फलता सीट पर नतीजे के बीच फायर हुए अभिषेक बनर्जी

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट के नतीजे के बीच तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के ऊपर फलता विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हो रही हिंसा पर आंखे मूंदने का आरोप लगाया।

आंखें मूंदे बैठा है चुनाव आयोग; फलता सीट पर नतीजे के बीच फायर हुए अभिषेक बनर्जी

West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की फलता विधानसभा सीट पर नतीजे आ चुके हैं। 22 राउंड की गिनती के बाद भाजपा ने एक लाख से ज्यादा वोटों से यह सीट अपने ना कर ली है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने गिनती के दौरान गंभीर विसंगतियों का दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस दिनों में करीब 1000 से ज्यादा टीएमसी कार्यकर्ताओं को उनका घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है। इसके अलावा आचार संहिता लागू होने के बाद भी टीएमसी के कार्यालयों में तोड़फोड़ की जा रही है।

सोशल मीडिया साइट एक्स पर तृणमूल कांग्रेस सांसद ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा, "फलता में आज पुनर्मतगणना हो रही है। आज यहां दोपहर तीन बजे तक ही 21 राउंड की मतगणना खत्म हो चुकी है। 4 मई को इतने बजे तक केवल 2 से 4 राउंड ही हुए थे। इस पूरे मामले पर देश मुख्य चुनाव आयोग से जबाव मांग रहा है।"

अपने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि फलता क्षेत्र में पिछले दस दिनों में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के ऊपर हमले जारी हैं। इसके बाद भी चुनाव आयोग ने किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय चुनाव आयोग के पश्चिम बंगाल सीईओ का इस्तेमाल चुनाव में हेर-फेर के लिए किया गया। पश्चिम बंगाल में अभी फलता में चुनाव बाकी था, लेकिन इसी बीच भाजपा सरकार ने उन्हें नया मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया।"

बनर्जी ने कहा, "इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि 4 मई को जिस दौरान मतगणना हो रही थी, उस दिन केंद्रीय सुऱक्षा बलों का इस्तेमाल करके टीएमसी समेत बाकी बूथ एजेंट्स को मतगणना स्थल से बाहर निकाल दिया था। केवल भाजपा के एजेंट्स अंदर थे। यह पूरा घटनाक्रम चिंताजनक है और यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की मूल भावना पर सीधा प्रहार करता है। जब तक चुनाव आयोग द्वारा जांच करके इन दोषी अधिकारियों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता, तब तक जनादेश की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहेंगे"

गौरलतब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास रचते हुए 207 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया है। मुख्य मंत्री ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट भी गंवा बैठी हैं। रही सही कसर आय फलता विधानसभा सीट पर भाजपा की एक लाख से ज्यादा वोटों से जीत के साथ पूरी हो गई है। फलता विधानसभा सीट अभिषेक बनर्जी की डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। यहां से आने वाले पूर्व टीएमसी विधायक जहांगीर को बनर्जी का करीबी माना जाता है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

और पढ़ें