'रेपिस्ट का स्वागत करने वाले को बना दिया शिक्षा मंत्री', अभिजीत दीपके बोले- शर्म की बात है

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सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि वह नए शिक्षा मंत्री से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक गलत इंसान को हटाकर दूसरे को कमान दे दी गई। दीपके ने कहा कि रेपिस्ट का स्वागत करने वाले को शिक्षा मंत्री बनाना शर्म की बात है।

Abhijeet Dipke
नए शिक्षा मंत्री से खुश नहीं हैं अभिजीत दीपके, बताई वजह

सीजेपी के 36 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया और प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दे दी गई। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नए शिक्षा मंत्री को लेकर भी असंतोष जताते हुए कहा कि एक ऐसे व्यक्ति को देश का शिक्षा मंत्री बना दिया गया है जिसने बिलकिस बानो के रेपिस्ट का स्वागत किया था। ऐसे में देश के छात्र-छात्राओं में क्या संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है।

‘आजतक’ को दिए इंटरव्यू में दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि जो कुछ समय पहले तक हिंदू मुसलमान कर रहे थे वह अब रील डाल रहे हैं। कहीं ना कहीं Gen-Z ने दबाव डाला है कि शिक्षा पर बात करिए। ‘जो नए शिक्षा मंत्री बन हैं उनका वीडियो बिलकिस बानो के रेपिस्ट का स्वागत करते हुए वायरल हुआ। आप एक रेपिस्ट के समर्थक को शिक्षा मंत्री बना रहे हैं। इसपर शर्म आ रही है।’

दीपके ने कहा ‘अगर कानूनन कुछ भी संभव है तब भी रेपिस्ट का स्वागत नहीं किया जा सकता। यह बहुत ही शर्मनाक है। पूरे देश के लिए शर्मनाक है। जब दुनिया को पता चलेगा कि भारत का शिक्षा मंत्री रेपिस्ट का स्वागत करता है। वहीं जो नए सेक्रेटरी बने हैं वह खुद करप्शन में शामिल रहे हैं। सैकड़ों-हजारों करोड़ों का घोटाला किया है। ऐसे में एक खऱाब इंसान को हटाकर दूसरे को जगह दी जा रही है। अभिजीत दीपके ने कहा, और भी लोग थे जिन्हें शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता था। लेकिन उनके पास लोग ही ऐसे हैं जो कि गुंडे हैं।’

ये नाम समझें कि गुस्सा शांत हो गया- दीपके

अभिजीत दीपके ने कहा कि एक आंदोलन खत्म होने के बाद अगर इन्हें लगता है कि गुस्सा शांत हो गया है तो ऐसा नहीं है। ‘अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस वापस नहीं लिए गए तो हम फिर से सड़क पर उतरेंगे। उन्होंने कहा, हमें लिखित में मिलना चाहिए कि पुलिस के द्वारा किसी स्टूडेंट को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। अमित शाह का समझ में नहीं आ रहा है। दिल्ली में पेलेट गन चल रहे हैं, बिहार में एके-47 चल रही है। क्या चल रहा है इस देश में?’

प्रदर्शन में हिस्ट्रीशीटर्स को लेकर अभिजीत दीपके ने कहा कि वे लोग अगर बाहर घूम रहे हैं तो जिम्मेदारी किसकी है? बीजेपी वालों ने ही प्रोटेस्ट को डिस्टर्ब करने के लिए गुंडे भेजे थे। 19 जुलाई को ही जंतर-मंतर के पास पत्थरों से भरे ट्रक रखे गए। ये ट्रक कैसे आ गए? इनके पीछे एक डैमेज वैन खड़ी थी। जब हमने ट्वीट डाला तो पुलिस ने कहा कि यह तो एनडीएमसी का ट्रक है। अब रिपोर्ट में पता चला कि वह ट्रक हरियाणा का है और रोड ऐक्सिडेंट में पकड़ा गया था।

Abhijeet Dipke

सोनम वांगचुक पर क्या बोले दीपके

दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक को किडनैप करके रखा था। जहां किडनैपर ही मिल सकते थे। जेपी नड्डा मिल सकते थे के लेकिन हम लोग उनसे नहीं मिल सकते थे। फास्टट्रैक कोर्ट को लेकर अभिजीत दीपके ने कहा कि यह प्रक्रिया पेपर लीक होने के बाद की है। पेपर लीक ना हो, इसके लिए क्या किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हम लोग एक करोड़ के मुआवजे को लेकर सरकार से बात कर रहे हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है लेकिन अब तक दिया नहीं गया है. रातों-रात जब एमपी एमएलए खरीदने होते हैं तो सूटकेस पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा, जो भी नियम हैं सब जनता के लिए होते हैं।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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