कहां हैं अभिजीत दीपके, अब तक घर नहीं लौटे; मंत्री ने मांगी सिक्योरिटी
CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे। वहीं, से उन्होंने इस पार्टी की शुरुआत की और भारत लौटने पर दिल्ली से प्रदर्शन का आगाज किया था। हाल ही में सीजेपी को अपने आंदोलन में जीत मिली है।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने रविवार को कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके क्षेत्र के रहने वाले और 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक क्रांति शुरू की है, और उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए। औरंगाबाद पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी मंत्री शिरसाट छत्रपति संभाजीनगर के वालुज एमआईडीसी इलाके में दीपके के परिवार से मिलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
युवाओं के नेतृत्व वाले सीजेपी को शनिवार को उस समय एक बड़ी जीत मिली, जब परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर उनके 36 दिनों के आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। शिरसाट ने कहा कि दीपके को सुरक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि सीजेपी द्वारा विरोध प्रदर्शन वापस लेने के बावजूद दीपके अभी तक घर नहीं लौटे हैं, क्योंकि उन्हें टाइफाइड हो गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने की तैयारी
मंत्री ने कहा, 'उनके माता-पिता परेशान थे, क्योंकि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे सुरक्षित रहें। वह परिवार की तरह हैं और मैं यहां केवल प्रभारी मंत्री के तौर पर नहीं आया हूं। अभिजीत के महाराष्ट्र पहुंचने पर उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए। मैं इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात करूंगा।'
पहले क्यों नहीं मिले
राज्य की 'महायुति' सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी शिवसेना के नेता शिरसाट ने कहा कि उन्होंने पहले दीपके के परिवार से मुलाकात इसलिए नहीं की, क्योंकि इसे राजनीतिक नजरिए से देखा जा सकता था। उन्होंने कहा कि वह दीपके के परिवार को 25 साल से ज़्यादा समय से जानते हैं और उन्होंने 30 साल के कार्यकर्ता की सेहत के बारे में भी जानकारी ली थी।
अमेरिका में मिल गई थी अभिजीत दीपके को नौकरी
मंत्री ने बताया कि बोस्टन विश्वविद्यालय में जनसंपर्क विषय में स्नातकोत्तर करने वाले दीपके को अमेरिका में नौकरी की पेशकश भी गई थी और तभी सीजेपी की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा, 'उनके माता-पिता चाहते थे कि वह नौकरी कर लें, लेकिन अभिजीत की इच्छा छात्रों के लिए कुछ करने की थी।' मंत्री ने इस बात पर भी गर्व जताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के एक निवासी ने देश में क्रांति की शुरुआत की है।
और क्या बोले मंत्री
शिरसाट ने कहा, 'आंदोलन खत्म हो गया है और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगें पूरी हो गई हैं। लेकिन मेरे निर्वाचन क्षेत्र के एक निवासी ने क्रांति की शुरुआत की। इसके अलावा उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है और वे इस आंदोलन का श्रेय भी नहीं लेना चाहते। मेरे बेटे (दीपके) को सफलता इसलिए मिली, क्योंकि समाज के लोगों ने उसका समर्थन किया।'


