आपको भक्त नहीं बनना है; लद्दाख में अपने गांव पहुंचकर लोगों से अपील करते हुए ऐसा क्यों बोले सोनम वांगचुक?
लोगों को नसीहत देते हुए सोनम वांगचुक ने कहा, ‘हम क्या इतने तंग नजर हो गए हैं, कि भारत का कोई विभाग, जैसे मान लीजिए इसरो अगर मंगल ग्रह पर एस्ट्रोनॉट उतारे, तो क्या हम उनकी भी प्रशंसा भी नहीं करेंगे।’
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक एक बार फिर दिल्ली की भागमभाग से दूर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्थित अपने गांव पहुंच गए हैं, जहां से उन्होंने शुक्रवार रात को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार को अनशन तोड़ते वक्त लिखित में उनसे किए गए अपने वादे पूरे करने को कहा, साथ ही प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर किसी तरह की कानूनी कार्यवाही ना करने की सलाह भी दी।
अपने इस वीडियो में उन्होंने नीट परीक्षा रद्द होने पर अपनी जान देने वाले स्टूडेंट्स के परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी की और कहा कि हर चीज वक्त पर ही अच्छी लगती है। अपने इसी वीडियो में उन्होंने उन लोगों की खिंचाई भी की, जिन्होंने भारतीय रेल की तारीफ करने पर वांगचुक को सरकार समर्थक ठहरा दिया था। वांगचुक ने कहा कि हमें सही को सही और गलत को गलत कहना आना चाहिए, क्योंकि हमें किसी का भक्त नहीं बनना है बल्कि मिलजुल कर भारत को बनाना है।
वांगचुक बोले- मैं दोबारा ऊर्जा प्राप्त कर रहा
लद्दाख में स्थित अपने गांव से शेयर किए अपने वीडियो में वांगचुक ने कहा, 'दोस्तों मैं वापस अपने नन्हे से गांव पहुंच गया हूं, मेरे पीछे सिंधु नदी है, और आगे डूबता हुआ सूरत है। यहां मैं विश्राम कर रहा हूं और दोबारा ऊर्जा प्राप्त कर रहा हूं। तो जैसा कि मैं कल कश्मीर से आते हुए सरकार से कह रहा था कि वो अनशन तोड़ते समय किए गए लिखित वादे पूरे करे और प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कानूनी कार्रवाई ना करे। दूसरी तरफ मैं याद दिलाना चाहूंगा उन छात्रों की जिन्होंने आत्महत्या की थी, उनके घर-परिवार वालों को मुआवजा देने का, अब उसका भी शायद वक्त आ गया है, हर चीज जो वक्त पर हो, उसकी कीमत होती है, उसका आदर होता है, तो मैं उसकी भी याद दिलाना चाहूंगा।'
भारतीय रेल की तारीफ करने पर लोगों ने किया था ट्रोल
इसके बाद उन्होंने उन लोगों को समझाइश दी, जो भारतीय रेल की तारीफ करने की वजह से उन पर सरकार समर्थक होने का आरोप लगा रहे थे। ऐसे लोगों को निशाने पर लेते हुए आगे उन्होंने कहा, 'मैं यह भी कहना चाहूंगा कि कल आते समय मैं आप लोगों से कह रहा था कि मुझे भारतीय रेल पर किस तरह गर्व है, क्योंकि वह कश्मीर तक रेलवे लाइन से जुड़े इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट बनाने में लगा हुआ है। लेकिन इस पर भी कुछ लोग नाखुश थे कि मैं सरकार की तारीफ क्यों कर रहा हूं।'
वांगचुक ने पूछा- क्या हम इतने तंग नजर हो गए हैं
आगे उन्होंने इन नाखुश लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि, 'हम क्या इतने तंग नजर हो गए हैं, कि भारत का कोई विभाग, जैसे मान लीजिए इसरो अगर मंगल ग्रह पर एस्ट्रोनॉट उतारे, तो क्या हम उनकी भी प्रशंसा भी नहीं करेंगे। अरे भाई भारतीय रेल, भारत की रेल सेवा है, कितने ही हजारों इंजीनियरों ने, अफसरों ने मिलकर ये रेलवे लाइन बिछाई है, तो क्या इसकी हम इसकी भी तारीफ ना करें, जरा दिमाग को खोले रखिए।'
लोगों से बोले वांगचुक- आपको भक्त नहीं बनना है
अपने वीडियो के अंत में उन्होंने लोगों को किसी भी पक्ष का भक्त ना बनने की सलाह देते हुए कहा, 'चाहे पक्ष हों, चाहे विपक्ष हों, हमें मिलकर भारत को बनाना है। जहां भी गलत होता है, गलत जरूर कहें, मगर ठीक होता है तो उसकी प्रशंसा भी करिए। इस तरफ की भी नहीं, उस तरफ की भी नहीं, आपको भक्त नहीं बनना है, गलत को गलत कहना है, सही को सही कहना है, जय हिंद।'


