ये तीन नेता साइडलाइन ना होते तो टूटती नहीं AAP; सांसद ने बताई बगावत की इनसाइड स्टोरी

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि यह फैसला सामूहिक तौर पर लिया गया। भाजपा में जाने वाले सातों सांसदों ने मिलकर निर्णय लिया था और इसके बाद ही पाला बदला गया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता समेत सभी ने मिलकर AAP से अलग होना तय किया था।

AAP Rajya Sabha MP Raghav Chadha news

आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल हो जाने की घटना ने सभी को चौंका दिया है। एक दशक पहले अपने गठन के बाद से आम आदमी पार्टी के लिए यह सबसे बड़ा झटका रहा है। फिलहाल चर्चा यही है कि आखिर AAP में इतनी बड़ी बगावत कैसे हो गई और क्या अरविंद केजरीवाल को इसके बारे में पता भी नहीं लगा? इस बारे में जब पूछा गया तो 7 बागी सांसदों में से एक विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि यह फैसला सामूहिक तौर पर लिया गया। भाजपा में जाने वाले सातों सांसदों ने मिलकर निर्णय लिया था और इसके बाद ही पाला बदला गया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता समेत सभी ने मिलकर AAP से अलग होना तय किया था।

उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि हम सभी लोगों ने मिलकर अलग होने का फैसला लिया था। आम आदमी पार्टी से मेरा रिश्ता तो यही था कि संसद में पंजाब के मुद्दे उठाऊं। मैंने पंजाब सरकार की तब भी मदद की , जब पंजाब के लोग दूसरे देशों में फंस गए और उन्हें निकालना था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि केंद्र सरकार और भाजपा के साथ मेरे सही संबंध थे। मेरी प्राथमिकता में पंजाब के लोग रहे हैं। कभी भी मैंने किसी पार्टी के नेता के तौर पर विचार नहीं किया। मैं हमेशा केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का आभारी रहूंगा कि उन्होंने पंजाब के लिए कुछ करने के मकसद से राज्यसभा में भेजा था।

विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी में इतनी बड़ी फूट ही नहीं होती। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि AAP के कोर मेंबर्स को ही साइडलाइन कर दिया गया। राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक जैसे नेता किनारे लगाए गए। ये लोग कभी पार्टी की रीढ़ की हड्डी होते थे। उन्होंने कहा कि संदीप पाठक ने पंजाब में 2022 के चुनाव में खूब मेहनत की थी। अकेले पाठक ने ही 94 कैंडिडेट तय किए थे। उन्होंने और राघव चड्ढा ने कैंपेन चलाया था और इसने पार्टी को बहुमत दिलाने में मदद की। इसी तरह दिल्ली में स्वाति मालीवाल की अहम भूमिका थी। सांसद ने कहा कि मैं कभी आम आदमी पार्टी के राजनीतिक ब्यूरो का सदस्य नहीं रहा। लेकिन यह बात सही है कि कुछ अहम चेहरों को नजरअंदाज करने से पार्टी की हालत खराब हुई।

'राघव चड्ढा को सलाहकार बोर्ड में डाला, जो कुछ करता ही नहीं'

उन्होंने कहा कि स्वाति मालीवाल को पहले साइडलाइन किया गया। इसके बाद जब 2025 के विधानसभा चुनाव में दिल्ली में हार हुई तो संदीप पाठक को परेशान किया गया। राघव चड्ढा लगातार चीजें सही करना चाहते थे। लेकिन दिल्ली की हार के बाद उनके भी पर कतरे गए। उन्हें पंजाब ही छोड़ने को कहा गया और फिर ऐसे सलाहकार बोर्ड में डाला गया, जो चलता ही नहीं।

ई़डी रेड के बाद पालाबदल के दावे पर क्या बोले साहनी

अंत में उन्हें राज्यसभा के उपनेता के पद से भी हटा दिया गया। इन चीजों ने हमेशा परेशान किया। इसके बाद हम सभी के मन में एक ही सवाल था कि आखिर इस पार्टी के साथ पंजाब का भविष्य क्या होगा। साहनी ने कहा कि ईडी के डर से पालाबदल के दावे भी गलत हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही है तो फिर मेरे खिलाफ तो कोई रेड नहीं पड़ी। मुझसे भाजपा ने कभी संपर्क भी नहीं किया।

Surya Prakash

लेखक के बारे में

Surya Prakash

दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।


अकादमिक योग्यता: एक तरफ डेढ़ दशक का सक्रिय पत्रकारिता करियर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूर्यप्रकाश अकादमिक अध्ययन में भी गहरी दिलचस्पी रखते रहे हैं। पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई के साथ ही 'हाइब्रिड वारफेयर में मीडिया के इस्तेमाल' जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषय पर पीएचडी शोध कार्य भी किया है। पत्रकारिता, समाज, साहित्य में रुचि के अलावा वारफेयर में मीडिया के प्रयोग पर भी गहरा अध्ययन किया है। इसी कारण डिफेंस स्टडीज जैसे गूढ़ विषय में भी वह रुचि रखते हैं। इस प्रकार सूर्यप्रकाश का एक लंबा पेशेवर अनुभव रहा है तो वहीं गहरी अकादमिक समझ भी रही है।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के समाचारों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो वहीं नैरेटिव वारफेयर के बारे में भी गहरा अध्ययन है। खबरों के अंदर की खबर क्या है और किसी भी समाचार के मायने क्या हैं? ऐसी जरूरी चीजों को पाठकों तक पहुंचाने में भी रुचि रखते हैं। लाइव हिन्दुस्तान में बीते 5 सालों से जुड़े हैं और गुणवत्तापूर्ण समाचार देने की मुहिम को बल प्रदान किया है। सूर्यप्रकाश को पाठकों की पसंद को समझने और उसके अनुसार समाचारों के प्रस्तुतिकरण में भी महारत हासिल है। कठिन विषयों को सरल शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने की रुचि है और इसी कारण एक्सप्लेनर आदि भी लिखते हैं।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।