TMC ने ऑफर दिया तो हो सकता है कांग्रेस में विलय, राहुल गांधी की लीडरशिप भी स्वीकार
ममता बनर्जी ने साल 1998 में ही तृणमूल कांग्रेस तैयार की थी। इससे पहले वह कांग्रेस में थी, जिसने उन्हें 1997 में निष्कासित कर दिया था। हालांकि, कहा जाता है कि इसके बाद भी बनर्जी और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी के बीच मधुर संबंध बने रहे।

कांग्रेस में TMC के विलय को लेकर अटकलों का दौर जारी है। बुधवार को ही गांधी परिवार और बनर्जी परिवार के बीच मुलाकात हुई। अब कहा जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने का फैसला कर लिया है। हालांकि, पार्टी ने इसपर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। फिलहाल, दोनों ही दल इससे इनकार करते हुए नजर आ रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी को हार का सामना करना पड़ा और अब विधायक और सांसद टूट रहे हैं।
विलय के लिए TMC है तैयार?
एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है कि टीएमसी ने मजबूत विपक्ष बनाने के लिए राहुल की कप्तानी स्वीकार कर ली है। जबकि, कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि विलय को लेकर कोई भी प्रस्ताव TMC की तरफ से ही आना चाहिए और वो ऐसे किसी भी कदम को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। जबकि, दलों का कहना है कि दोनों के बीच बैठक में विलय पर चर्चा नहीं हुई।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने विलय की चर्चा की ओर संकेत दिए। चैनल के अनुसार, उन्होंने कहा, 'राजनीति संभावनाओं की कला है। तो कल कुछ भी हो सकता है।'
जब मिलीं सोनिया गांधी और ममता बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मंगलवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ मुलाकात की थी जिसके बाद संभावित विलय की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। यह मुलाकात इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस या INDIA की बैठक में दोनों नेताओं के गले मिलने की कांग्रेस की ओर से जारी तस्वीर के एक दिन बाद हुई। पीटीआई सूत्रों के मुताबिक, राहुल और अभिषेक की मुलाकात को कांग्रेस और तृणमूल के बीच चल रही बातचीत का ही एक हिस्सा माना जा रहा है, जो इस हफ़्ते की शुरुआत में दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की बैठक के बाद हो रही है।
वार्ता के सूत्रों के अनुसार गांधी और राहुल गांधी से मिलने पहुंचे अभिषेक बनर्जी के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ'ब्रायन भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि दोनों टीएमसी नेता 10 जनपथ पहुंचे, जहां पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति के मौजूदा घटनाक्रमों के साथ-साथ विपक्षी एकता को मजबूत करने के मुद्दों पर चर्चा हुई।
कांग्रेस से अलग होकर बनाई तृणमूल
बनर्जी ने साल 1998 में ही तृणमूल कांग्रेस तैयार की थी। इससे पहले वह कांग्रेस में थी, जिसने उन्हें 1997 में निष्कासित कर दिया था। हालांकि, कहा जाता है कि इसके बाद भी बनर्जी और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी के बीच मधुर संबंध बने रहे। इतना ही नहीं 2011 में बंगाल के ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव में टीएमसी और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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