फारस की खाड़ी में अभी भी 7 भारतीय जहाज, 148 नागरिक सवार; डरने वाली क्या बात?

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हाल के दिनों में दक्षिणी मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है, क्योंकि ईरानी हमलों के डर से कई जहाज अब अपने ट्रांसपोंडर बंद करके जा रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से भारत आने वाले 57 जहाज इस स्ट्रेट को पार कर चुके हैं।

7 Indian ships with 148 citizens on board still in Persian Gulf Strait of Hormuz Updates

भारत और पश्चिम एशिया के बीच समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट में मंगलवार को बड़ा हमला हुआ। ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के 2 तेल टैंकरों पर मिसाइलें दागी गईं, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और 6 अन्य भारतीय घायल हो गए। यूएई के अनुसार, मोम्बासा और अल बहियाह नामक टैंकर स्ट्रेट के दक्षिणी नौवहन मार्ग से गुजर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। इससे दो दिन पहले भी साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर हमले में एक भारतीय नाविक लापता हो गया था। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि इन जहाजों ने उसकी चेतावनियों की अनदेखी की थी, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया।

ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद से पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों की मौत और खतरे की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ताजा घटना के बाद इस संघर्ष में जान गंवाने वाले भारतीयों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार तक 7 भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और एक को मृत मान लिया गया था। मंगलवार को हुई नई मौत को भी इसमें जोड़ दिया गया। पिछले महीने अमेरिकी हमले में एक अन्य तेल टैंकर पर 3 भारतीय नाविक भी मारे गए थे।

2 अलग-अलग समुद्री मार्ग इस्तेमाल हो रहे

फिलहाल फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में 7 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर 148 भारतीय नाविक सवार हैं। इसके अलावा भारत से जुड़े 11 अन्य जहाजों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकालने की योजना तैयार की गई है। अब तक करीब 3,918 नाविकों को विभिन्न शिपिंग कंपनियां सुरक्षित निकाल चुकी हैं। होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए इस समय दो अलग-अलग समुद्री मार्ग इस्तेमाल हो रहे हैं। पहला दक्षिणी मार्ग ओमान के समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरता है, जबकि दूसरा मार्ग ईरान के समुद्री क्षेत्र से होकर जाता है। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र का अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) दक्षिणी मार्ग को सुरक्षित मानते हैं, जबकि ईरान का कहना है कि जहाजों को उसके नियंत्रण वाले उत्तरी मार्ग से ही गुजरना चाहिए।

हाल के दिनों में दक्षिणी मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है, क्योंकि ईरानी हमलों के डर से कई जहाज अब अपने ट्रांसपोंडर बंद कर गुप्त रूप से सफर कर रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से भारत आने वाले 57 जहाज इस स्ट्रेट को पार कर चुके हैं, जिनमें तेल, गैस, उर्वरक और अन्य जरूरी सामान लेकर आने वाले पोत शामिल हैं। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अस्थायी युद्धविराम लगभग खत्म होता नजर आ रहा है। ईरान ने फिर से होर्मुज बंद करने की घोषणा की, जिसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह जलमार्ग हर हाल में खुला रहेगा।

Niteesh Kumar

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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