
भूख और ठंड से मर गईं 50 गाएं, शव क्षत-विक्षत हालत में मिलीं लाशें; गौशालाओं की 24×7 होगी निगरानी
शिकायत के अनुसार, चारे, पेयजल, चिकित्सा देखभाल और पर्याप्त आश्रय की कमी के चलते कई मवेशियों की मौत हुई। 13 जनवरी को निरीक्षण के दौरान गोवंश ठंड, भूख और बीमारी से पीड़ित मिले।
चंडीगढ़ शहर की विभिन्न गौशालाओं में करीब 1,000 गोवंश रखे जाने के बीच चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गौशालाओं में सीसीटीवी निगरानी को सख्ती से लागू किया जाए और उसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि 24x7 निगरानी हो सके।
यह निर्देश माखन माजरा इलाके (रायपुर कलां) स्थित पशु अवशेष निस्तारण केंद्र में करीब 50 गोवंश के क्षत-विक्षत शव मिलने की घटना के एक दिन बाद दिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूटी प्रशासन ने पोस्टमॉर्टम कराने और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, एक हफ्ते के भीतर आधिकारिक रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में चंडीगढ़ पुलिस द्वारा मौली जागरण थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत माखन माजरा गौशाला प्रबंधन समिति की ओर से दी गई है।
शिकायत के अनुसार, चारे, पेयजल, चिकित्सा देखभाल और पर्याप्त आश्रय की कमी के चलते कई मवेशियों की मौत हुई। 13 जनवरी को निरीक्षण के दौरान गोवंश ठंड, भूख और बीमारी से पीड़ित मिले। मौके पर 50 से 60 मवेशी मृत पाए गए, जबकि उस समय कोई पशु चिकित्सक या उपचार सुविधा उपलब्ध नहीं थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
मुख्य सचिव ने रायपुर कलां स्थित गौशालाओं, औद्योगिक क्षेत्र की दो गौशालाओं, माखन माजरा के इंसिनरेटर और पशु जन्म नियंत्रण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंश और श्वानों की देखभाल, रखरखाव और कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और निर्देश दिया कि सभी गौशालाओं को हर समय साफ-सुथरी व स्वच्छ स्थिति में रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत की और निगरानी व पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोवंश के लिए उचित आवास, नियमित भोजन और पर्याप्त पेयजल जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं।
माखन माजरा केंद्र में लगे इंसिनरेटर को लेकर उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण वह कुछ दिनों से बंद था और तुरंत मरम्मत संभव नहीं हो सकी। हालांकि, समस्या का समाधान किया जा रहा है और इसे शीघ्र ही चालू कर दिया जाएगा।
जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर गौशाला में तैनात सभी कर्मचारियों- पशु चिकित्सकों और सहायक स्टाफ सहित की पूरी जानकारी और दैनिक ड्यूटी रोस्टर प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किए जाएं। उन्होंने दोहराया कि सीसीटीवी निगरानी का कड़ाई से पालन और उसकी समय-समय पर समीक्षा आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही रोकी जा सके।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी नेता संजय टंडन ने नगर निगम द्वारा संचालित गौशाला में बड़ी संख्या में गोवंश के शव मिलने को “चौंकाने वाला और अस्वीकार्य” बताया। उन्होंने कहा कि आंख, खुर और सींग गायब होने जैसी रिपोर्टें बेहद परेशान करने वाली हैं और इससे जनता में आक्रोश है। टंडन ने कहा कि नगर निगम द्वारा कुछ अधिकारियों को निलंबित कर जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन जांच को पूरी पारदर्शिता के साथ तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
उधर, घटना के विरोध में गो-रक्षा समूहों ने सेक्टर-26 ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट पर एक मृत बछड़े का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात बाधित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने गोवध पर प्रतिबंध और पशु तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लंबे वाहनों की कतारें लगने से आम लोगों को खासी परेशानी हुई।





