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कांग्रेस विधायक के ठिकाने से मिला 40 किलो सोना, ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में ईडी का बड़ा ऐक्शन

कांग्रेस विधायक के ठिकाने से मिला 40 किलो सोना, ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में ईडी का बड़ा ऐक्शन

संक्षेप:

ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में ईडी ने बड़ा एक्शन लेते हुए कर्नाटक के चित्रदुर्ग से विधायक वीरेंद्र के दो लॉकर से करीब 40 किलो सोना मिला है। इसकी कीमत 50 करोड़ के आसपास है। 

Fri, 10 Oct 2025 02:46 PMAnkit Ojha वार्ता
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ईडी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े रैकेट की चल रही जांच के मामले में छापेमारी कर कर्नाटक कांग्रेस के विधायक के दो लॉकरों से 40 किलोग्राम सोना जब्त किया है। इसकी कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। ईडी अधिकारियों के मुताबिक तलाशी अभियान बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा पीएमएलए 2002 के तहत किया गया। इस बरामदगी के साथ इस मामले में कुल जब्त राशि 150 करोड़ रुपये से अधिक हो गयी है, जिसमें पहले से जब्त लगभग 21 किलोग्राम सोने की छड़ें, नकदी, आभूषण, लक्जरी वाहन और फ्रीज किए गए बैंक खाते शामिल हैं।

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चित्रदुर्ग विधानसभा क्षेत्र से विधायक केसी वीरेंद्र को इस साल के अगस्त में गिरफ्तार कर लिया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में है। ईडी को जांच में किंग 567 और राजा 567 जैसे कई ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से संचालित 2,000 करोड़ रुपये के सट्टेबाजी नेटवर्क का पता चला है। अपने बयान में ईडी ने कहा कि वीरेंद्र ने अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर कई अवैध सट्टेबाजी वेबसाइट चलाये और मासूम लोगों को ठगा। इन प्लेटफॉर्मों से एकत्रित धनराशि को फोनपैसा समेत कई गेटवे से भेजा गया और पूरे भारत में बिचौलियों से मिले हजारों 'म्यूल' खातों के जरिये स्थानांतरित किया गया।

जांच में यह भी पता चला कि सट्टेबाजी से प्राप्त आय का इस्तेमाल विदेशों में लग्जरी यात्रा, वीजा और आतिथ्य सेवाओं के वित्तपोषण के लिए किया गया था। एजेंसी ने कहा कि मार्केटिंग, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, बल्क एसएमएस कैंपेन और प्लेटफॉर्म होस्टिंग के लिए भुगतान भी सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े खातों के माध्यम से किये गये थे।

ईडी ने कहा, 'साक्ष्य बताते हैं कि अवैध ऑनलाइन गतिविधियों से प्राप्त धन को उनके स्रोत को छिपाने के लिए कई मध्यस्थ खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया था।' प्रवर्तन निदेशालय वीरेंद्र और उसके सहयोगियों से जुड़े अपराध से कमाये धन के स्रोत का पता लगाने और अतिरिक्त संपत्तियों की पहचान करने का काम कर रही है।ेऑनलाा

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें
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