SIR का तीसरा चरण शनिवार से, 16 राज्यों और 3 UTs में घर-घर जाएंगे BLO; कब पूरी होगी प्रक्रिया
ECI ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए BLAs नियुक्त करें, ताकि राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो सके और SIR पूरी पारदर्शिता तथा राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी के साथ संपन्न हो।

देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत व पारदर्शी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शनिवार (30 मई) से देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की शुरुआत करने की जानकारी दी है। आयोग के अनुसार इस महाअभियान के दायरे में देश के करीब 36.73 करोड़ मतदाता शामिल होंगे।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस तीसरे चरण को जमीनी स्तर पर अमलीजामा पहनाने के लिए 3.94 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) भी बीएलओ की सहायता करेंगे। यह कार्यक्रम वर्तमान में चल रही जनगणना (मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया) में लगे कर्मियों के शेड्यूल के अनुरूप ही तैयार किया गया है, ताकि दोनों काम सुचारू रूप से हो सकें।
इस बारे में जानकारी देते हुए निर्वाचन आयोग ने बताया कि SIR के इस तीसरे चरण में दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा, चंडीगढ़, दादर और नागर हवेली तथा दमन और दीव में SIR की प्रक्रिया को किया जाएगा। SIR का यह तीसरा चरण पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में यह कवायद संपन्न हो जाएगी।
किस राज्य में कब से कब तक घर-घर जाएंगे BLO
- 30 मई से 28 जून- ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर
- 4 जून से 3 जुलाई- दादर और नागर हवेली तथा दमन और दीव
- 8 जून से 7 जुलाई- उत्तराखंड
- 15 जून से 14 जुलाई- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़
- 25 जून से 24 जुलाई- तेलंगाना और पंजाब
- 30 जून से 29 जुलाई- कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली
- 16 अगस्त से 14 सितंबर- नगालैंड
- 15 सितंबर से 14 अक्टूबर- त्रिपुरा
इन सभी राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अलग-अलग तारीखों पर अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इस दौरान जहां ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 6 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी, वहीं उत्तराखंड में 15 सितंबर को, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में 22 सितंबर को, तेलंगाना और पंजाब में 1 अक्तूबर को, दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड, कर्नाटक और मेघालय में 7 अक्तूबर को, नगालैंड में 22 नवंबर को तो त्रिपुरा में 23 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
किस राज्य में कब प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
- 6 सितंबर- ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर।
- 11 सितंबर- दादर और नागर हवेली तथा दमन और दीव
- 15 सितंबर- उत्तराखंड
- 22 सितंबर- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़
- 1 अक्टूबर- तेलंगाना और पंजाब
- 7 अक्तूबर- कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली
- 22 नवंबर- नगालैंड
- 23 दिसंबर- त्रिपुरा
किस राज्य में हैं कितने मतदाता
- आंध्र प्रदेश- 4,16,16,061
- अरुणाचल प्रदेश- 8,87,607
- चंडीगढ़- 5,18,663
- दादर और नागर हवेली तथा दमन और दीव- 4,27,849
- हरियाणा- 2,06,63,155
- झारखंड- 2,64,89,777
- कर्नाटक- 5,55,74,064
- महाराष्ट्र- 9,86,64,413
- मणिपुर- 20,91,999
- मेघालय- 23,43,252
- मिजोरम- 8,75,004
- नगालैंड- 13,56,858
- दिल्ली- 1,48,23,234
- ओडिशा- 3,34,33,659
- पंजाब- 2,14,56,297
- सिक्किम- 4,71,094
- त्रिपुरा- 28,97,674
- तेलंगाना- 3,39,20,705
- उत्तराखंड- 79,76,466
- कुल- 36,73,87,831
प्रक्रिया के दौरान नहीं होगा किसी भी अधिकारी का तबादला
इस बीच निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए अपने निर्देशों में, इस बात पर जोर दिया कि जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र वापस नहीं आएंगे, उनके लिए मतदान अधिकारी (BLO) आसपास के मतदाताओं से पूछताछ करते हुए अनुपस्थिति, स्थानांतरण, मृत्यु और दोहरी प्रविष्टि जैसे संभावित कारणों की पहचान करेगा और इसे नोट करेगा। साथ ही निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य सचिवों को बताया कि SIR के दौरान, निर्वाचन आयोग की पूर्व स्वीकृति के बिना इस प्रक्रिया से जुड़े किसी भी अधिकारी का तबादला नहीं किया जाएगा।
13 राज्यों में पूरी हो चुकी है SIR की प्रक्रिया
बता दें कि बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप जैसे राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। SIR के दूसरे चरण में नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों की मतदाता सूचियों में 10.2 प्रतिशत लोगों के नाम काटे गए थे, जिनमें 60 लाख से अधिक नाम ऐसे लोगों के थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी मतदाताओं से की अपील
SIR के इस तीसरे चरण को लेकर अपने संदेश में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘मैं सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे एसआईआर के तीसरे चरण में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लें और अपने फॉर्म भरें। एसआईआर इस उद्देश्य के साथ किया जा रहा है कि सिर्फ पात्र मतदाताओं के नाम सूची में रहें और कोई भी अपात्र नाम नहीं रहे।’
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव
सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।
इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।
सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।


