हजारों विमानों के सॉफ्टवेयर में आई गड़बड़ी, भारत समेत दुनियाभर में हवाई सेवाओं पर बुरा असर
वैश्विक स्तर पर 6000 तक A320 फैमिली विमान प्रभावित होंगे। यह कदम 30 अक्टूबर 2025 को अमेरिकी लो-कॉस्ट एयरलाइन JetBlue की एक A320 उड़ान में हुई गंभीर घटना के बाद उठाया गया है।
दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले सिंगल-ऑयल विमान एयरबस A320 फैमिली को इस वीकेंड बड़े पैमाने पर ग्राउंड किया जा रहा है। इससे भारत ही नहीं, वैश्विक हवाई यात्रा पर असर पड़ने वाला है। यह कदम हाल ही में सामने आए एक तकनीकी जोखिम के चलते उठाया गया है, जिसके समाधान के लिए व्यापक सॉफ्टवेयर और कुछ पुराने विमानों में हार्डवेयर अपग्रेड अनिवार्य किया गया है।
भारत में 350 से अधिक विमान ग्राउंड- बड़ी उड़ानें स्थगित होने की संभावना
भारत में इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप के लगभग 350 से अधिक A320 फैमिली विमान इस प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। अपग्रेड में 2-3 दिन का समय लगने की उम्मीद है और विमान सोमवार या मंगलवार से फिर से उड़ान भर सकते हैं।
इंडिगो के बेड़े में 350 स ज्यादा A320 फैमिली विमान हैं, जिनमें से करीब 250 को अपग्रेड की आवश्यकता है। वहीं, एयर इंडिया के 120 से 125 A320 विमान हैं जिनमें 100 से अधिक प्रभावित होंगे।
एयर इंडिया ने X पर कहा- हम एयरबस द्वारा जारी निर्देश से अवगत हैं। इससे हमारे बेड़े के एक हिस्से में सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर रिकैलिब्रेशन की आवश्यकता होगी, जिसके चलते टर्नअराउंड टाइम बढ़ेगा और उड़ानों में देरी की संभावना है। असुविधा के लिए खेद है।
6000 से अधिक वैश्विक विमान प्रभावित- JetBlue की घटना बनी वजह
वैश्विक स्तर पर 6000 तक A320 फैमिली विमान प्रभावित होंगे। यह कदम 30 अक्टूबर 2025 को अमेरिकी लो-कॉस्ट एयरलाइन JetBlue की एक A320 उड़ान में हुई गंभीर घटना के बाद उठाया गया है।
JetBlue की Cancun–Newark उड़ान के दौरान विमान अचानक नीचे की ओर पिच हो गया, वह भी बिना पायलट इनपुट के। प्राथमिक जांच में पाया गया कि यह घटना ELAC (एलिवेटर ऐलेरॉन कंप्यूटर) के स्विच बदलने के दौरान हुई। विमान को आपातकाल में तांपा में उतारा गया, जहां कुछ यात्रियों को अस्पताल ले जाना पड़ा।
EASA ने जारी किया ‘इमरजेंसी एयरवर्थीनेस डायरेक्टिव’
यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने इस मामले में एक आपातकालीन उड़ान योग्यता निर्देश (EAD) जारी किया। इसमें कहा गया है कि विमान में अनकमान्डेड पिच-डाउन मूवमेंट की संभावना है, जो सबसे खराब स्थिति में, विमान की संरचनात्मक क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। EASA ने निर्देश दिया है कि प्रभावित विमानों में सर्विसेबल ELAC लगाना अनिवार्य है।
Airbus ने बताया- तीव्र सौर विकिरण से डेटा करप्ट होने का खतरा
एयरबस ने बयान में कहा कि हाल ही में की गई तकनीकी जांच में पता चला है कि तीव्र सौर विकिरण से फ्लाइट कंट्रोल से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा करप्ट हो सकते हैं। इसलिए A320 फैमिली के एक बड़े हिस्से में सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर प्रोटेक्शन अनिवार्य किया गया है।
Airbus ने कहा: इन निर्देशों से परिचालन में व्यवधान आएगा, जिसके लिए हम यात्रियों और ग्राहकों से क्षमा चाहते हैं। सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इंडिया ऑपरेशंस पर असर- क्या यात्रियों को देरी झेलनी पड़ेगी?
इंडिगो: नए-जेनरेशन A320s अधिक होने से प्रक्रिया तेज होगी।
एयर इंडिया: हार्डवेयर अलाइनमेंट के कारण कुछ विमानों में ज्यादा समय लग सकता है।
कई उड़ानों में देरी या रद्दीकरण की आशंका, खासकर सप्ताहांत और सोमवार तक।
हालांकि, दोनों एयरलाइनों ने भरोसा दिया है कि अपग्रेड 2-3 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।





