यूट्यूब गेम का 24 घंटे का खौफनाक चैलेंज, घर से निकले 2 बच्चे, फिर हुआ कुछ ऐसा!

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

वीडियो से प्रेरित होकर दोनों बच्चों ने रविवार दोपहर को असल जिंदगी में भी इस 24-घंटे वाले सीक्रेट हाउस चैलेंज को दोहराने का फैसला किया और चुपचाप घर से निकल गए।

Youtube 24 hour Gaming challenge
दोनों बच्चों का कहीं सुराग न मिलने पर घबराए परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। (AI Image)

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 11 और 7 साल के दो मासूम बच्चे यूट्यूब पर एक ट्रेंडिंग गेमिंग चैलेंज से प्रभावित होकर अचानक अपने घर से गायब हो गए। गनीमत रही कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया।

क्या है '24-Hour सीक्रेट हाउस चैलेंज'?

पुलिस पूछताछ में बच्चों ने खुलासा किया कि वे यूट्यूब पर 'सीक्रेट हाउस' नाम का गेमिंग कंटेंट देख रहे थे।

इस ऑनलाइन ट्रेंड में चैलेंज लेने वाले को 24 घंटे के लिए एक सीक्रेट रूम या कोई गुप्त जगह बनाकर वहां बिना किसी की नजर में आए छिपकर रहना होता है।

वीडियो से प्रेरित होकर दोनों बच्चों ने रविवार दोपहर को असल जिंदगी में भी इस 24-घंटे वाले सीक्रेट हाउस चैलेंज को दोहराने का फैसला किया और चुपचाप घर से निकल गए।

पुलिस को कैसे मिले बच्चे?

मवाना के सर्कल ऑफिसर (CO) पंकज लवानिया ने बताया कि रविवार दोपहर जब बच्चे अचानक लापता हुए, तो परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां काफी खोजबीन की।

कहीं सुराग न मिलने पर घबराए परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल 'मिशन शक्ति' (Mission Shakti) टीम को एक्टिव किया और इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

कुछ ही घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस टीम ने दोनों बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकाला।

कितने खतरनाक होते हैं सीक्रेट चेलैंज वीडियो?

यूट्यूब पर सीक्रेट चैलेंज जैसे गेमिंग वीडियो बेहद खतरनाक हो सकते हैं, खासकर बच्चों और किशोरों के लिए। ये वीडियो अक्सर बच्चों को असली जीवन में नकल करने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं, गायब होना, या मौत तक हो सकती है।

कुछ ऐसा ही ब्लैकआउट चैलेंज भी है। जिसे चोकिंग चैलेंज, पास-आउट चैलेंज, या फेडिंग गेम भी कहते हैं। यह एक जानलेवा सोशल मीडिया ट्रेंड है, जिसमें बच्चे और किशोर खुद को गला दबाकर या सांस रोककर बेहोश होने की कोशिश करते हैं, ताकि वे एक अलग दुनिया का अनुभव कर सकें और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर सकें।

इसका सबसे खौफनाक पहलू ये है कि 2010 से 2024 के बीच इस चेलैंज में 1,385 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई, जिनमें 12 साल से कम उम्र के 20 से ज्यादा बच्चे शामिल थे।

पुलिस और बाल कल्याण विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की डिजिटल एक्टिविटी और सोशल मीडिया / यूट्यूब पर वे किस तरह का कंटेंट देख रहे हैं, उस पर कड़ी निगरानी रखें ताकि इस तरह के जानलेवा या खतरनाक ट्रेंड्स से उन्हें दूर रखा जा सके।

Shubham Sharma

लेखक के बारे में

Shubham Sharma
शुभम शर्मा साल 2017 से पत्रकारिता और मीडिया जगत में काम कर रहे हैं। टीवी में इनपुट असाइनमेंट से शुरुआत करते हुए डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक का अनुभव। TV9 भारतवर्ष और मनीकंट्रोल हिंदी (Network 18) जैसे बड़े संस्थानों के बाद अब लाइव हिंदुस्तान में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर खबरों को आप तक पहुंचाने के काम कर रहे हैं। और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsयूट्यूब गेम का 24 घंटे का खौफनाक चैलेंज, घर से निकले 2 बच्चे, फिर हुआ कुछ ऐसा!