मौत के 22 साल बाद फिर गूंज रहा वीरप्पन का नाम, चुनाव में बताया जा रहा ‘रॉबिनहुड’

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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वीरप्पन की पत्नी मुतुलक्ष्मी और बेटी विद्यारानी एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। वे दोनों ही वीरप्पन की रॉबिनहुड वाली छवि गढ़ने में लगी हैं। बता दें कि 2004 में ऑपरेशन कोकून में चंदन तस्कर वीरप्पन को मार गिराया गया था। 

मौत के 22 साल बाद फिर गूंज रहा वीरप्पन का नाम, चुनाव में बताया जा रहा ‘रॉबिनहुड’

तमिलनाडु के जंगलों में लंबे समय तक राज करने वाले चंदन तस्कर और डाकू वीरप्पन का नाम देश का बच्चा-बच्चा जानता है। इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में वीरप्पन की बड़ी बेटी विद्या देवी मेत्तूर सीट से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं वीरप्पन की पत्नी मुतुलक्षमी कृष्णागिरि से तमिलागा वाजवुरिमाई काची की उम्मीदवार हैं। वीरप्पन की बेटी विद्यारानी (35 साल) नाम तमिलर काची पार्टी से मैदान में हैं। दोनों ही पार्टी 'तमिल राष्ट्रवाद' का समर्थन करने वाली हैं।

विद्यारानी 2024 में लोकसभा चुनाव में कृष्णागिरि से किस्मत आजमा चुकी हैं। विद्यारानी और उनकी मां दोनों ही वीरप्पन की रॉबिनहुड वाली छवि गढ़ने में जुट गई हैं। विद्यारानी ने कहा, अगर आज मेरे पिता जिंदा होते तो वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जरूर शामिल हुए होते। वीरप्पन की पत्नी मुतुलक्षमी 2006 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ चुकी हैं। दोनों का ही कहना है कि वीरप्पन खूंखार डाकू नहीं थे बल्कि उनकी छवि ऐसी गढ़ दी गई थी।

बीजेपी में भी रह चुकी हैं विद्यारानी

विद्यारानी ने कहा, वीरप्पन अत्याचार और अन्याय के खिलाफ ललड़ते थे। विद्यारानी की मेत्तूर की रैली में खूब भीड़ थी। एनटीके पार्टी चीफ सीमान ने भी विरप्पन की खूब तारीख की। उन्होंने कहा, LTTE चीफ प्रभाकरण हमारे अभियान के मुखिया थे। वहीं वीरप्पन हमारे जंगलों के अभिभावक के तौर पर काम करते थे। बता दें कि विद्यारानी ने 2020 में बीजेपी जॉइन की थी। 2024 में वह एनटीके में शामिल होगईं।

विद्यारानी ने कहा, उन्हें जनता के सामने किसी विरोध का सामना नहीं करना पड़ता है। बता दें कि विद्यारानी पेशे से वकील और ऐक्टिविस्ट हैं। वह आदिवासियों और दलितों के लिए काम करती हैं। विद्यारानी के पिता वीरप्पन 2004 में तमिलनाडु पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। 2020 में जब विद्यारानी बीजेपी में शामिल हुईं तो उन्हें यूथ ब्रिगेट का उपाध्यक्ष बनाया गया। 2024 में वह अभिनेता और निर्देशक सीमान की पार्टी एनटीके में शामिल हो गईं।

वीरप्पन कौन था?

वीरप्पन का पूरा नाम कूज मुनिस्वामी वीरप्पन था। दुनिया के कुख्यात चंदन तस्करों में उसकी गिनती होती थी। 10 साल की उम्र में ही उसने हाथी को मार दिया था। वहीं 17 साल की उम्र में मर्डर कर दिया। वह जंगलों में ही रहता था। कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल की सरकारें उसके पीछे पड़ी थीं। 2004 में ऑपरेशन कोकून में उसे मार गिराया गया। बताया जात है कि वीरप्पन ने कम से कम 184 लोगों की हत्या की थी। वीरप्पन के जीवन पर कई फिल्में भी बन चुकी हैं।

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लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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