
दिल्ली में हुए धमाके से खुश हो रहे थे, असम में 21 गिरफ्तार; CM सरमा बोले- बर्दाश्त नहीं करेंगे
दिल्ली में हुए धमाके में शामिल आतंकयों की तरफदारी करने के आरोप में असम में कम से कम 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सीएम सरमा ने कहा कि ये सभी सोशल मीडिया पर देश के खिलाफ जहर उगल रहे थे।
राजधानी दिल्ली में हुए धमाके की पूरी दुनिया निंदा कर रही है। वहीं अपने देश में ही ऐसे लोग हैं जो कि सोशल मीडिया पर आतंकियों की तारीफ कर रहे हैं। असम पुलिस ने ऐसे ही कम से कम 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने इसकी पुष्टि की है। असम के दरांग, गोआलपारा, नालबाड़ी. चिरंगा, कामरूप, बोंगईगांव, हेलाकांडी, लखीमपुर, बारपेटा, होजाई, साउथ सालमारा, बाजाली और धुबरी से इन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार हुए लोग सोशल मीडिया पर देश विरोधी पोस्ट कर रहे थे। उन्होंने कहा, हम किसी भी कीमत पर दिल्ली धमाके के पीछे के आतंकियों की तारीफ करने वालों को बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने पहले गुरुवार को कहा था कि पूरे राज्य में ऐसे 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि दिल्ली में लालकिले के सामने कार में हुए धमाके में 12 लोगों की जान चली गई थी।
कार में सवार आतंकी डॉक्टर उमर भी मारा गया था। उसकी मां का डीएनए टेस्ट कराने के बाद इसकी पुष्टि भी हो गई है। डॉ. उमर फरीदाबाद की अल-फलह यूनिवर्सिटी में काम करता था। दिल्ली पुलिस के हाथ डॉ. मुजम्मिल की डायरी मिली थी जिसमें 8 से 12 की तारीख का जिक्र था। इससे अनुमान लगाया गया है कि आतंकी काफी पहले से ही हमले का प्लान बना रहे थे। दिल्ली में ब्लास्ट से एक दिन पहले ही फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया था। इसके पास से 360 किलो विस्फोटक मिला था जिसे जम्मू-कश्मीर पुलिस अपने साथ ले गई थी।
शुक्रवार को नौगाम थाने में रखे इस विस्फोटक में धमाका हुआ जिसमें कम से कम 9 लोगों की जान चली गई। इस मामले में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तारियां हुई हैं। डॉ. शाहीन को लखनऊ से तो डॉ. आदिल को यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गयाहै। ये सभी नाम दिल्ली धमाके से जुड़े हैं। अल-फलाह विश्वविद्यालय में एमबीबीएस के छात्र निशार आलम को शुक्रवार सुबह उत्तरी दिनाजपुर जिले के भीड़भाड़ वाले सुरजापुर बाजार इलाके से एनआईए की एक विशेष टीम ने हिरासत में लिया, जो रात भर दिल्ली से आई थी।
उसे पहले प्रारंभिक पूछताछ के लिए इस्लामपुर ले जाया गया और बाद में आगे की पूछताछ के लिए सिलीगुड़ी ले जाया गया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि 22 वर्षीय छात्र को उसके बयान में कोई विसंगति न पाए जाने के बाद रिहा कर दिया गया।





